श्रीमद् भागवत कथा कल्पवृक्ष है- चिन्मयानंद बापू

श्रीमद् भागवत कथा कल्पवृक्ष है – चिन्मयानंद बापू ने सिटी क्लब के मैदान में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन में कहा की श्रीमद् भागवत कथा कल्पवृक्ष है ।जो भी व्यक्ति इसकी शरण में आकर जो भी मनोकामना करता है वह पूर्ण होती है ।बापू ने कथा के माध्यम से तुंगभद्रा नदी के तट पर रहने वाले ब्राह्मण आत्माराम की कथा सुनाई ।उनके दो बेटे गोकर्ण और धुंधकारी की कथा भी सुनाई और कहा की पापी से भी पापी व्यक्ति को तारने का सामर्थ्य श्रीमद् भगवत कथा में है ।बापू ने कहा की हम जो भी करते है ,जंहा भी रहते है ,जैसे भी रहते है हर पल परमात्मा हमारे साथ साये की तरह रहता है ।हमे पता नही चलता लेकिन हम हर पल उसी की छत्रछाया में जीते है ।बापू ने कथा के माध्यम से नारद जी द्वारा सनकादिक ऋषियों से पूछे गए प्रश्न के उत्तर में प्रसन्नता पूर्वक कथा सुनाई ।श्रीमद् भागवत के शुभारम्भ की कथा का भी वर्णन किया ।बापू ने कहा की आज कलयुग में लोग अपने पेट भरने को ही पुरुषार्थ मानते है ।आज कलयुग के प्रभाव से लोगो के भीतर से जो भक्ति गायब सी होती जा रही है ।इन सब विकारों से यदि बचना है तो जीवन में श्रीमद् भागवत कथा का रसपान करना अति आवश्यक है ।बाद में पूज्य बापूजी ने सोनक ऋषि द्वारा सूतजी से पूछे गए छः प्रश्नों को उत्तर देते हुए श्रीमद् भागवत कथा के प्रथम स्कंध को आरम्भ किया ।कल बापूजी की कथा के माध्यम से भगवान कपिल और ध्रुव जी कथा का वर्णन किया जायेगा ।अवनीश मिश्रा विंध्याचल के सभासद ने कहा की ऐसे कथा से जगत पावन व पवित्र होता है |

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