9453821310-सिर्फ प्रदूषण मुक्ति की योजना नहीं साथ में महकता वातावरण होगा अब मिर्जापुर का आरटीओ महकमा आज आरटीओ कार्यालय में आरटीओ डॉक्टर अनिल गुप्ता प्रशासन के साथ कार्यालय के समस्त स्टाफ ने छुट्टी के दिन दिनांक २१-१- 2018 को बसंत पंचमी के अवसर पर सुगंधित 101 पौधों का रोपण किया जिसमें गुलाब, गेंदा ,रातरानी व अन्य सुगंधित फूलों की बगिया तैयार किया गया है| स्वच्छता मिशन को अपने कार्यालय से समूचे प्रांगण तक की इच्छाशक्ति उस वक्त समस्त स्टाफ की जागृत हुई जब स्वयं डॉक्टर अनिल गुप्ता ने इसकी पहल की अब कार्यालय आने वाले लोगों को पहाड़ों के बीच बसा यह कार्यालय सुखद अनुभव दिलाने में यह फूलों का बगिया सहयोग कर सकता है| आरटीओ कार्यालय के जानकार एडवोकेट अवधेश ने बताया कि बसंत पंचमी के पावन पर्व पर समस्त जन ऊर्जावान हो जाते हैं ऐसे में आरटीओ प्रांगण में विभिन्न प्रकार के गेंदे के फूलों के किस्मो को लगाना बसंत की महत्ता को बढ़ा देता है|ट्रक ऑपरेटर राकेश ने बताया की वसंत पंचमी या श्रीपंचमी एक हिन्दू त्योहार है। इस दिन विद्या की देवी सरस्वती की पूजा की जाती है। यह पूजा पूर्वी भारत, पश्चिमोत्तर बांग्लादेश, नेपाल और कई राष्ट्रों में बड़े उल्लास से मनायी जाती है। इस दिन स्त्रियाँ पीले वस्त्र धारण करती हैं।
प्राचीन भारत और नेपाल में पूरे साल को जिन छह मौसमों में बाँटा जाता था उनमें वसंत लोगों का सबसे मनचाहा मौसम था। जब फूलों पर बहार आ जाती, खेतों में सरसों का सोना चमकने लगता, जौ और गेहूँ की बालियाँ खिलने लगतीं, आमों के पेड़ों पर बौर आ जाता और हर तरफ़ रंग-बिरंगी तितलियाँ मँडराने लगतीं। वसंत ऋतु का स्वागत करने के लिए माघ महीने के पाँचवे दिन एक बड़ा जश्न मनाया जाता था जिसमें विष्णु और कामदेव की पूजा होती, यह वसंत पंचमी का त्यौहार कहलाता था। शास्त्रों में बसंत पंचमी को ऋषि पंचमी से उल्लेखित किया गया है, तो पुराणों-शास्त्रों तथा अनेक काव्यग्रंथों में भी अलग-अलग ढंग से इसका चित्रण मिलता है।