9453821310-यदि आपके पास कढ़ाई ना हो और कोई बर्तन भी ना हो और आपको पकौड़ी चाय और तले हुए आइटम पापड़, चिप्स खाने का मन हो तो निराश होने की जरूरत नहीं है| हिंदुस्तान के उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के रहने वाले एक युवक ने ऐसा ही चमत्कार कर दिखाया है| कागज पर ना सिर्फ पापड़ तला गया बल्कि प्याज और बेसन की पकौड़ी भी तली गई | आगंतुकों को पकौड़ी खिलाकर उनका स्वागत भी किया गया और सिलसिला यहीं तक नहीं रूका आप यह वीडियो जो देख रहे हैं इसमें उसके बाद दूध की अच्छी चाय भी बनाई गई और यह चाय भी कागज पर ही बनाया गया | सर्वप्रथम कागज को एक कढ़ाई का शेप देते हुए साधारण गैस चूल्हा पर चढ़ाया जाता है , बकायदा उसमें दूध डाला जाता है, चाय की पत्ती डाली जाती है, चीनी डाली जाती है और गैस तेज करके चाय को खौलाया जाता है | उसी तरीके से पकौड़ी तलते वक्त भी सर्वप्रथम उस कागज के बर्तन को गैस चूल्हे पे रखा गया तत्पश्चात तेल डाला गया और उसके बाद धीमी आंच में पहले गर्म किया गया जब बेसन में प्याज मिलाकर सारा सामग्री तैयार हो गया तो आंच तेज कर के उसको कागज की कढ़ाई पर पड़े हुए तेल में तला गया| उसमें डाली गई पकौड़ी बिल्कुल उसी तरीके से बनी जिस तरीके से प्रायः महिलाएं अपने घरों में पकौड़ी तलती है| कागज की बनी कढ़ाई में पकौड़ी व् चाय महान आश्चर्य जनक स्थिति देखकर लोगों ने पहले तो सोचा की पकौड़ी कैसी लगेगी , लेकिन जब लोगों ने पकौड़ी खाना शुरु किया तो उनको भरोसा नहीं हो रहा था यकीन नहीं हो रहा था कि यह पकौड़ी कागज के बर्तन में तला हुआ पकौड़ी है | कागज के बर्तन में बनाया हुआ यह पकौड़ी लोगों ने खाया उसके पीछे निरंतर शोध शर्मा जी का है | शर्मा जी ने इस पर अपने हाथ को इस तरीके से सिद्ध किया हुआ है कि यह बखूबी बड़े आराम से बिना तनाव में रहे कागज के बर्तन में समस्त तली हुई चीजें बना लेते हैं जिसकी चर्चा समस्त मिर्जापुर जनपद में जंगल में आग की तरह फैल गई है |
अनिल शर्मा ने बताया कि कागज की कढ़ाई के प्रयोग से सबसे अत्यधिक लाभ ईंधन में जबरदस्त बचत हो सकता है | यदि हम लोहे की कढ़ाई, एलमुनियम की कढ़ाई या स्टील की कढ़ाई आग पर चढ़ाते हैं तो उसको गर्म होने में ही जो समय लेता है उससे निजात मिल सकता है और साथ ही साथ ना मांजने का और ना ही उसको धोने की जरूरत पड़ेगी | जिससे समय और साबुन इत्यादि में बचत हो सकता है पास की एक महिला ने बताया कि बिना तेल का पकौड़ी बनाना तो संभव नहीं है लेकिन इस पर भी आने वाले समय में लोग काम कर सकते हैं |