पद्मावती को समर्पित श्री वैंकटेश्वर का यह मंदिर विंध्य छेत्र में-MIRZAPUR

पद्मावती को समर्पित श्री वैंकटेश्वर का यह मंदिर विंध्य छेत्र में नारघाट ,गंगा नदी के तट पर विराजमान है । माना जाता है कि पहाड़ी का स्वामी होने के कारण ही इन्‍हें पहाड़ों का भगवान भी कहा जाता है। यह मुख्य मंदिर के प्रांगण में है। मंदिर परिसर में खूबसूरती से बनाए गए अनेक द्वार, मंडपम और छोटे मंदिर हैं।
इस मंदिर की महिमा का वर्णन करते वयवस्थापको में अपार हर्ष व्याप्त हो जाता है जब मूर्ती की इस्थापना की कहानी सुनायी जाती है |बताया जाता है की मूर्ती के लिए ट्रस्टियों के द्वारा जब लेटर महाबलीपुरम में मूर्ती के लिए पता लिख कर भेजा गया मगर भगवान् की मर्जी के मुताबिक़ महाबलीपुर का पता लिखा पत्र जा पहुंचा तिरुपति ट्रस्ट और मूर्ती वही से मिली जहा से भगवान् का जन्म स्थलीय माना जाता है | अग्रवाल जी के मुताबिक़ भगवान् की मर्जी थी जो जनपदवासियों के लिए परम सौभाग्य का कारण बना। माना जाता है कि भगवान वैंकटेश्‍वर का दर्शन करने वाले हरेक व्यक्ति को उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है। हालांकि यह मंदिर भगवान वैंकटेश्वर की पत्नी श्री पद्मावती को समर्पित है। माना जाता है कि भगवान वैंकटेश्वर विष्णु के अवतार थे और पद्मावती स्वयं लक्ष्मी की अवतार थी।

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