न्यायालय के आदेश पर भूमिहीनों को जमीन देने की तैयारी-MIRZAPUR

मड़िहान
उच्चन्यायालय के आदेश पर धुरकर गांव स्थित वन विभाग व चारागाह की जमीन से कब्जा हटाये जाने के बाद बेघर हुए भूमिहीनो को ग्रामसभा की जमीन उपलब्ध कराने के लिए जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी मड़िहान को आदेश दिया है।जब कि गांव में ग्रामसभा की जमीन उपलब्ध ही नही है।
तीन दशक से काबिज भूमिहीन ग्रामीणों को उच्चन्यायालय के आदेश पर दो माह पूर्व तहसील प्रशासन के नेतृत्व में पुलिस व वन विभाग की टीम ने जंगल की जमीन से ग्राम प्रधान समेत पांच दर्जन लोगो का कब्जा हटाया गया था।चारागाह की जमीन पर बने घरों को भी जेसीबी से गिरवा दिया गया था।हला की उसी समय घर बनाने के लिए इग्यारह लोगों को आवासीय पट्टा दे दिया गया था।तहसील प्रशासन से असंतुष्ट ग्रामीण कृषि पट्टा की मांग के लिए उच्चन्यायालय में अपील कर दिया।भूमिहीनों को कृषि के लिए जमीन उपलब्ध कराने के लिए न्यायालय द्वारा आदेश दिया गया।तहसीलदार रामजीतमौर्य ने राजस्वनिरिक्षक व लेखपाल के साथ गुरुवार को धुरकर गांव पहुँचकर ग्रामीणों के साथ बैठक किया।तहसीलदार ने बताया कि गांव में कृषि योग्य जमीन पर पट्टा देने के लिए उपलब्ध नही है।सरकार चाहे तो चारागाह जमीन की नवैयत बदलकर पट्टा दिया सकता है।

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