अद्वितीय जगह है ये छेत्र-MIRZAPUR

9453821310-मिर्जापुर- पूरे ब्रह्मांड के अंदर दंतकथाओं के मुताबिक भगवान राम लक्ष्मण और हनुमान के आने का प्रमाण यदि है तो वह विंध्य पर्वत के पास विंध्य क्षेत्र में मौजूद है दंतकथाओं के मुताबिक व विद्वानों के द्वारा जो जानकारी दी गई है यदि वह सच माना जाए तो सच में मिर्जापुर जनपद के विंध्याचल क्षेत्र में स्थित राम गया घाट अपने आप में अद्वितीय जगह है अमरेश उपाध्याय ने बताया की इसी राम गया घाट पर एक स्थान प्रेतशिला वह बगल में रामशिला के नाम से प्रसिद्ध है आज भी भगवान राम के रथ का पहिया यहां मौजूद है साथ ही साथ उनके आने के पदचिन्ह भी सुरक्षित हैं यहां आने वाले दूर दराज से तमाम श्रद्धालु व पर्यटक इस पदचिन्ह को छूकर चरण वंदना करके भगवान राम की स्तुति के साथ उनके सानिध्य में होने का एहसास करके गौरवान्वित वह लाभान्वित होने का एहसास प्राप्त करते हैं |जानकारी के मुताबिक इस स्थान पर प्रेतशिला भी है जहां पर भूत प्रेत बाधा आदि इत्यादि से शांति व निवारण तो मिलता ही है साथ ही साथ पितरो का श्राद्ध करने का उपयुक्त स्थान भी माना जाता है| पवित्र नदियों में गंगा नदी का सर्वोच्च स्थान है यह सर्वविदित है इसी गंगा नदी के मध्य में यह दोनों शीला और भगवान राम के रथ का पहिया के साथ साथ भगवान शिव का अरघा भी विराजमान है |आस पास के मनोरम दृश्य होने के साथ-साथ रहस्यमई भी दिखाई देते हैं जिससे आने वाले लोग वह उनका हृदय पूर्णतया पावन व पवित्र हो जाता है अति रमणीय स्थल होने के कारण बार-बार व्यक्ति का यहां आने का मन अवश्य करेगा हिंदुस्तान के उत्तर प्रदेश का एक जिला मिर्जापुर जो मुख्यालय से मात्र 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है राम गया घाट के नजदीक ही विंध्याचल देवी का मंदिर वह दूसरी तरफ अष्टभुजा देवी का मंदिर विराजमान है बताया जाता है की भगवान् राम पास में ही रामेश्वरम में शिवलिंग की इस्थापना की थी जो शिवपुर के नाम से प्रसिद्ध है अलौकिक नैसर्गिक घटाएं पहाड़े नदियां व पतित पावन वातावरण का एक माहौल होने का सुखद अनुभव यहां आने के बाद ही प्राप्त हो सकता है |हिंदू मान्यता के मुताबिक यहां पर मानव का अंतिम संस्कार करने पर मोक्ष की प्राप्ति का दावा किया जाता है साथ ही साथ अमावस्या के दिन व अन्य साधारण दिनों में भी आने का विशेष महत्व है जिसमे पितृ श्राध्य कार्य किया वह कराया जाता है|बिहार के गया की मान्यता के समक्छ इस जगह पर तारा देवी मंदिर भी है जिसका विशेष महत्व माना जाता है |

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