जिसको जैसा वातावरण मिलता है वह वैसा ही विकास कर लेता है-शंकराचार्य स्वामी नारायणानंद

9453821310-मिर्ज़ापुर मंडलान्तर्गत सिटी ब्लॉक ,रायपुर पोख्ता आमघाट के पास में चल रहे शिवशक्ति महायज्ञ एवं शिवगीता के माध्यम से ज्ञान की वर्षा करते हुए श्री काशी धर्म पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नारायणानंद तीर्थ जी महाराज ने कहा शुद्ध अहार से ही संस्कार आते है और माता पिता के ही गुण सन्तानो में आते हैं मनुष्य को पूर्ण रूप से विकसित होने के लिए वातावरण मिलना चाहिए जिसको जैसा वातावरण मिलता है वह वैसा ही विकास कर लेता है आत्मा ज्ञान का विषय है जड़ में ज्ञान का अभाव होता है मन की इच्छा के बिना कर्मेन्द्रिय काम नहीं करती जीव में मय भाव ही कर्म में प्रवृत्त होकर अहंकार का द्योतक बन जाता है अभिमानी और अहंकारी लोगों को ईश्वर और गुरु सत्ता का ज्ञान नही रहता स्वामी जी ने कहा गुरु के ज्ञान में जिसका मन दृढ नही होता उसमे काम क्रोध और मात्सर्य ज्यादा पैदा होता है शरीर में ओज का आना अग्नि तत्व के कारण है संपूर्ण सृष्टि की रचना ईश्वर प्रदत्त है। महाराज जी ने कहा चेतना को याद दिलाने के लिए ही शिवगीता है शरीर का अभिमान नही करना है यह नश्वर है हम आपको बड़े ही भाग्य से यह प्राप्त हुआ है ईश्वर मात्र एक चेतना हैऔर वही सभी प्रकार के ज्ञान का मूलभूत कारण है आत्मा और परमात्मा के ज्ञान के लिए गुरु का होना जरुरी है शोक और मोह हमारे मन के अज्ञान के द्वारा ही उत्पन्न होता है संपूर्ण जगत ब्रम्ह ही की माया शक्ति है सागर की तरंग सागर से उठती है और सागर में ही विलीन हो जाती है ऐसे ही सम्पूर्ण जगत ईश्वर से प्रकट होता है और उसी में ले हो जाता है। इससे पूर्व पादुका पूजन गुरुपीठ परम्परा अनुसार सविधि सम्पन्न हुआ जिसमें कार्यक्रम के मुख्य संयोजक हरिश्न्द्र शुक्ला ग्राम प्रधान,शारदा प्रसाद शुक्ला, राजेश्वर शुक्ला,अशोक शुक्ला,नागेंद्र दुबे,कमलेश शुक्ला,बंसी शुक्ला आदि ने पूजन और आशीर्वाद प्राप्त किया ।

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