जोर जुल्म के टक्कर में संघर्ष हमारा नारा है – कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति

9453821310-मिर्जापुर विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वाधान में आज दिनांक 26 जून 2018 को मुख्य अभियंता वितरण मिर्जापुर के कार्यालय पर प्रदेश के 5 शहरों की विद्युत व्यवस्था का निजीकरण करके पूंजीपतियों के हाथों मैं देने के विरोध में ध्यानाकर्षण आंदोलन दोपहर 2:00 बजे से 5:00 बजे तक किया गया |धरने की अध्यक्षता इंजीनियर एके सिंह अधिशासी अभियंता विद्युत माध्यमिक कार्य खंड मिर्जापुर ने किया धरने में बोलते हुए इंजीनियर मुकेश कुमार ने कहा कि आगरा में टोरेंट पावर को विद्युत वितरण व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है जो की पूर्णता फेल है | सभा में इंजीनियर विपिन पटेल ने कहा कि वाराणसी तथा लखनऊ में विद्युत बिल वसूली का शुरू रेट ₹4 से ऊपर है तथा वहां पर करोड़ो रुपया विद्युत व्यवस्था सुधारने के लिए लगाया गया है ऐसे में वयवस्था को निजी हाथों में देना कहां सही है ?राजेश कुमार गौतम ने कहा कि निजी करण से पूंजी पतियों को बिना किसी निवेश के लाभ कमाने का मौका मिलेगा वहीं दूसरी तरफ किसानों एवं जनता को महंगी बिजली मिलेगी जिससे किसानों के साथ साथ आम जनता को विद्युत बिल का भारी बोझ झेलना पड़ेगा |इसी क्रम में बोलते हुए इंजीनियर चंद्रबली अधिशासी अभियंता ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खासकर किसानों को अभी तक काफी सस्ती दर पर बिजली दी जा रही थी जिसके फलस्वरुप प्रदेश में हरित क्रांति आई है |बिजली व्यवस्था को निजी हाथों में देने से बिजली महंगी होगी तथा प्रदेश की जनता को महंगी बिजली मिलेगी तथा हरित क्रांति के किसानों को भारी पड़ सकती है |दारुल सफा जैसे भवनों का हमारे अधिकारी एवं कर्मचारियों पर दबाव डालकर लाइन जुड़वाया जा रहा है |इस विरोध सभा में इंजीनियरिं AK सिंह, इंजीनियर यदुनाथ राम,इंजीनियर मनोज कुमार यादव, इंजीनियर उमेश चंद, इंजीनियर सूरज साह, इंजीनियर अभिषेक यादव ,इंजीनियर विपिन पटेल , इंजीनियर रामनरेश इंजीनियर रमेन्दर पांडेय ,इंजीनियर विनय कुमार इंजीनियर रमन चतुर्वेदी इंजीनियरिंग अनुराग अग्रवाल विनोद चौधरी अनिल केसरी अजय कुमार अजय दुबे महेश कुमार रामनरेश रत्ना पांचूराम तपन कुमार अजीत सिंह अतुल दुबे तथा मिर्जापुर क्षेत्र के समस्त कर्मचारीगण उपस्थित रहे|

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