बैंक मैनेजर के द्वारा फर्जी तरीके से रुपए निकाले जाने का मामला मिर्जापुर

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के केनरा बैंक, शाखा धूंधी कटरा थाना शहर कोतवाली क्षेत्र में स्थित इस केनरा बैंक की शाखा में फर्जी तरीके से मैनेजर के द्वारा अपने खाता धारकों के अकाउंट से बिना अनुमति के रुपए निकाल कर दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर कर देने की घटना से ग्राहकों में जबरदस्त आक्रोश देखा जा रहा है ।विदित हो कि दिनांक 28,3,2018 के बाद बैंक में मार्च 2018 की क्लोजिंग हो जानी है। इस बैंक में बिना ग्राहक के अनुमति से अकाउंट से रुपए निकाल कर किसी ऐसे अकाउंट में जमा करा दिया जाता है जिससे बैंक को अत्यधिक लाभ होता हो।बैंक अपने लाभ के लिए ग्राहकों का बिना अनुमति लिए रुपए का ट्रांसफर कर देती है । रिजर्व बैंक के मुताबिक फर्जी तरीके से किए गए ट्रांजैक्शन को सही पाए जाने पर बैंक के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की नियमावली बनाई गई है ।इस कानून को ताक पर रखकर बैंक मैनेजर के द्वारा इस तरीके की मनमानी किया जाता रहा है। महीने के अंतिम दिन बैंक द्वारा फर्जी ट्रांजैक्शन करते रहने का बराबर शिकायत की जाती रही है इस को दरकिनार करते हुए मैनेजर मनमाने तरीके से ग्राहकों के अकाउंट से छेड़छाड़ करके अपने बैंक का लेखा जोखा मजबूत करने के आशय से ग्राहकों के लेखा-जोखा के साथ छेड़छाड़ करती रहती है। बताया गया है कि करोड़ों और अरबों रुपए का खेल मैनेजर करता होगा यदि जांच कराई जाय तो बड़ा घोटाला सामने आ सकता है ।इस तरीके से अप्रत्याशित व बिना ग्राहक की सहमति के रुपए निकाल कर मनमाने तरीके से करने की प्रक्रिया में बैंक का इनकम का ग्राफ बढ़ा हुआ दिखाया जाता है ।इस बड़े हुए ग्राफ को दिखाने के लिए हर ग्राहक को चूना लगाने का काम खुलेआम इस बैंक में किया जा रहा है। इस तरीके का काम करने वाले यह बैंक अधिकारी शाम को 5:00 बजे के बाद और रात्रि में इस तरह के काम ज्यादातर करते हैं ताकि ग्राहक को पता न चल सके उस ग्राहक के जेब में डाका डालने की यह विधि बैंक के लिए कितना लाभदायक होता है इसका आकलन के बारे में लोगों ने बताया कि एक ब्रांच से कई लाख रूपय की हेराफेरी बतौर ब्याज के रुप में बैंक मैनेजर अपने स्तर से बैंक को फायदा दिलाने के लिए करता है। बैंक मैनेजर के द्वारा मनमानी से क्षेत्र के ग्रहको में काफी आक्रोश देखा जा रहा है।सरकार कितने भी कठोर नियम ग्राहकों के हित में बना ले लेकिन ऐसे मैनेजर सभी नियमावली को धता बताते हुए हेराफेरी करके बैंक के लेजर को आखिर क्यों बढ़ाना चाहते हैं यह बड़ा सवाल सब जानना चाहते हैं।
बताया गया की पीड़ित ग्राहक के मोबाइल पर दिनांक २८-३-१८ को ७५०००० रुपये निकाल लिए जाने का मैसेज आया | जब की ग्राहक ने इस तरीके से किसी भी प्रकार का रूपया नहीं निकाला था मैसेज रात के समय आने से रात भर इस बैंक का ग्राहक सो न सका सुबह जानकारी प्राप्त करने पर बैंक के द्वारा फर्जी तरीके से रुपये निकले जाने की बात सामने आयी उसके बाद जागरूक ग्राहक ने इसकी शिकायत रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया से करने की बात कही है |

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