ग्राम पंचायतें खुद खरीदेंगी जल टैंकर-अनुप्रिया पटेल

9453821310-केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल की शिकायत के बाद अब ग्राम पंचायतें खुद खरीदेंगी जल टैंकर

-मिर्जापुर में टैंकर से होगी पानी की आपूर्ति

-14वें वित्त आयोग की कार्ययोजना में किया गया संशोधन

मिर्जापुर/लखनऊ

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल की शिकायत के बाद अब विंध्य क्षेत्र के मिर्जापुर और सोनभद्र जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की आपूर्ति के लिए ग्राम पंचायतें खुद जल टैंकर खरीदेंगी। इस बाबत ग्राम पंचायत की 14वें वित्त आयोग की कार्ययोजना में संशोधन किया गया है।

सोमवार को ‘एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट’ को लेकर लखनऊ में आयोजित बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री पटेल ने मिर्जापुर जनपद में जल संकट को लेकर मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी से मुलाकात कीं और मिर्जापुर के पठारी क्षेत्र के प्रत्येक मजरे में सौर ऊर्जा आधारित मिनी पेयजल योजना लगाने का अनुरोध किया, जिस हेतु अपनी सांसद निधि से सहयोग देने की भी सहमति दीं। सोमवार को ही मिर्जापुर जनपद के जिलाधिकारी और मंडलायुक्त को भी पेयजल संकट के समाधान हेतु माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा तलब किया गया था।
बता दें कि पूर्व में इन जनपदों में गर्मी में पेयजल की आपूर्ति उत्तर प्रदेश जलनिगम द्वारा टैंकरों से किया जाता था, जिसमें बड़े पैमाने पर अनियमितताएं पायी गई थीं। ग्रामीणों की लगातार मांग पर केंद्रीय मंत्री श्रीमती पटेल ने इस बाबत उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी से शिकायत की थीं। उन्होंने कहा था कि जल निगम साल में 5.5 लाख रुपए एक ग्राम पंचायत को पानी पिलाने में खर्च करता है, जबकि इतने में ही एक ग्राम पंचायत में जल संकट का स्थायी समाधान हो सकता है। इतनी धनराशि में ही एक सौर ऊर्जा आधारित पेयजल योजना लगायी जा सकती है।
तत्पश्चात मुख्यमंत्री के निर्देश पर पिछले दिनों ग्राम विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ.महेंद्र सिंह ने पिछले दिनों जनपद में जल संकट को लेकर जनप्रतिनिधियों संग उच्चस्तरीय बैठक की थी और इस समस्या के निवारण के लिए दीर्घकालीन रणनीति पर चर्चा की थी।
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जल संकट वाले गांवों की सूची तैयार करेंगे जिलाधिकारी:

मिर्जापुर और सोनभद्र के किन ग्राम पंचायतों में टैंकर से जलापूर्ति की जरूरत है, यह सूची जिलाधिकारी खुद तैयार करेंगे। उन्हीं ग्राम पंचायतों में टैंकर से जल आपूर्ति की अनुमति दी जाएगी और टैंकर की क्षमता का निर्धारण भी संबंधित जिलाधिकारी द्वारा किया जाएगा।

-टैंकर में पानी भरने के लिए स्रोत स्तर तक लाने ले जाने की व्यवस्था किराए के ट्रैक्टर से की जाएगी। किराए का भुगतान प्रति किलोमीटर की दर से संबंधित ग्राम पंचायत द्वारा किया जाएगा। यह दर जनपद के जिलाधिकारी द्वारा नियमानुसार निर्धारित किया जाएगा।

-ग्राम पंचायत की आबादी एवं परिवारों की संख्या एवं 14वें वित्त आयोग में ग्राम पंचायतों को प्राप्त होने वाली धनराशि ध्यान में रखकर टैंकर की संख्या निर्धारित की जाएगी।

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