देश हमारा राज तुम्हारा नहीं चलेगा नहीं चलेगा- भोलानाथ प्रजापति

9453821310-आज दिनांक 12.4.2018 को मिर्जापुर जिला मुख्यालय पर बहुजन क्रांति मोर्चा के बैनर तले अनुसूचित जाति ,अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग ,अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के संगठनों का संगठन बहुजन क्रांति मोर्चा के द्वारा सुप्रीम कोर्ट के द्वारा दिए गए SC , ST अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 पर दिए गए निर्णय के विरोध में धरना प्रदर्शन किया गया जिसमें वक्ताओं के द्वारा मांग की गई ।जिसमें मुख्य रुप से कहा गया कि दिनांक 20 मार्च 2018 को भारत की न्यायपालिका में डॉक्टर सुभाष काशीनाथ महाजन बनाम महाराष्ट्र सरकार के केस में जो निर्णय दिया है। वह पूरी तरह से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों के मानवीय अधिकारों पर अन्याय करने वाला है। भारतीय न्यायपालिका में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति पर अत्याचार निवारण कानून 1989 के बारे में कहा है इसमें झूठे केस दाखिल होते हैं ।इसलिए D.Y.S.P. स्तर के अधिकारी द्वारा जब तक पूरी जांच पड़ताल नहीं होती तब तक मुजरिम को गिरफ्तार नहीं करना चाहिए ।न्यायपालिका के इस निर्णय से पीड़ितों को न्याय देने के बजाय मुजरिम को अभय दिया जाता है ।भारत की न्यायपालिका में इस मैटर में आगे कहा है कि मुजरिम को अग्रिम जमानत देनी चाहिए। यह तो अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों पर अन्याय अत्याचार बढ़ाने हेतु उठाया गया कदम है ।वैसे तो किसी भी पुलिस केस में अग्रिम जमानत नहीं दी जाती। भारत की न्यायपालिका ने अपने जजमेंट में ऐसा कहा है कि अगर कर्मचारी मुजरिम है तो उसको गिरफ्तार करने के पहले वरिष्ठ अधिकारी की अनुमति लेना चाहिए यह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 का खुला उल्लंघन है।

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