निपाह वायरस से बचाव -पॉपुलर अस्पताल मिर्जापुर

निपाह वायरस जानवरों और इंसानो में नया उभरता हुआ एक गंभीर इन्फेक्शन है |पॉपुलर हॉस्पिटल के डॉक्टर्स ने इस जानलेवा वायरस से अवगत करते हुए बताया की इस रोग के फैलने का तरीका काफी ड्रामेटिक है- चमगादड़ जिस पेड़ पर रहते है उसके फलों को संक्रमित करते है जब उस फल को कोई जानवर या मनुषय खा लेता है तो उसको निपा वायरस की इंफेक्शन हो जाती है | मौत की सौगात देने वाले निपाह वायरस पर प्रचलित एंटीबायोटिक का कोई असर नहीं होता जो की डॉक्टर्स एवं वैज्ञानिको के लिए बहुत बड़ी चुनौती है|

मिर्ज़ापुर न्यूज़ से बात करते हुए डाo पवित्रा गुप्ता ने निपह वायरस के सिम्पटम्स से भी अवगत कराया जिसमे उन्होंने बताया की इसके मुख्य लक्षणों में मस्तिष्क की सूजन हो सकती है ,बुखार, सिरदर्द, नींद न आना , मन बेचैन रहता है , और मानसिक भ्रम पैदा हो सकता है तथा मरीज की सोचने समझने की शक्ति ख़तम हो जाती है | डॉक्टर्स का मानना है की इस वायरस से मौत भी हो सकती है ।पॉपुलर हॉस्पिटल प्रशासन के मुताबिक, निपा वायरस के रोगी 24-48 घंटों के भीतर कोमा में जा सकता है। कुछ मामलों में मरीज को फेफड़ों का इन्फेक्शन और स्वास नलियों में इन्फेक्शन भी हो सकता है| निपाह वायरस का अभी तक कोई सटीक उपचार नहीं है| अस्पताल प्रसाशन का कहना है की हालही में इसकी कुछ एलोपैथी दवाईया आई है लेकिन वो भी कारगर सिद्ध नहीं हुयी है |पॉपुलर के अन्य डॉक्टर्स ने जनता को सतर्क एवं सावधान रहने की सलाह देते हुए यह भी जानकारी दी की ये एक छूत की बीमारी है जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलती है| डॉक्टर्स ने अन्य बचाव हेतु बताया अगर आपके नजदीक निपाह वायरस से पीड़ित कोई रोगी है तो उससे दूरी बनाये रखें ,और मरीज को जल्दी से जल्दी डॉक्टर के पास ले जाएँ ; जानवरों जैसे की सूअर और चमगादड़ों के संपर्क में ना आएं ; कच्चे खजूर के रस को न पियें और नीचे गिरे हुए फल न खाएं | अतः सावधानी ही आपको इस रोग से बचा सकती है| हलाकि अस्पताल प्रवक्ता के अनुसार इस वायरस से संक्रमित कोई भी मरीज अभी तक मिर्ज़ापुर में नहीं पाया गया है , लेकिन अस्पताल प्रशासन ने ऐसे रोगियों के लिए एक अलग वार्ड बनाने की बात कही |

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