समाचारसोलर लैंप से बच्चों का भविष्य हो सकता है उज्जवल-शैलेन्द्र द्विवेदी

सोलर लैंप से बच्चों का भविष्य हो सकता है उज्जवल-शैलेन्द्र द्विवेदी

MIRZAPUR-(9453821310)उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, ग्राम्य विकास विभाग के अंतर्गत ब्लॉक – छानवे के हरगढ़ नारी शक्ति प्रेरणा संकुल स्तरीय संघ के कार्यालय में स्ट्डी सोलर लैम्प योजना का संचालन केंद्र कार्यरत है। इस केंद्र के द्वारा योजनाओं का क्रियान्वयन किस तरह से किया जा रहा है का हाल जानने के उद्देश्य से आईआईटी मुम्बई की तरफ से देख रहे उत्तर प्रदेश राज्य के परियोजना प्रबंधक शैलेन्द्र द्विवेदी केन्द्र का औचक निरिक्षण किया|भारत सरकार के नवीन एवं नवीनिकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सहयोग से उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन इस योजना को क्रियान्वयन कर रही है जिसे तकनीकी सहयोग आईआईटी मुम्बई के द्वारा प्रदान किया जा रहा है। परियोजना प्रबंधक ने सोलर लैंप केन्द्र के हर कार्यों एसेंबलिंग, डिस्ट्रीब्यूशन, डॉक्यूमेंटेशन का अवलोकन बड़ी ही बारीकी से किये। डिस्ट्रीब्यूटर, एसेम्बलर से बारी-बारी से फिडबैक लिए । सभी ने अपने अपने अनुभव बताये। सभी से बात करने के बाद शैलेन्द्र द्विवेदी ने कहा कि इस योजना के विस्तार के लिए सभी को मन लगाकर मेहनत करना पड़ेगा। इसके बाद परियोजना प्रबंधक ने कुछ स्कूल मे जाकर विजिट किया स्कूल कुसाहा, हरगढ़, नरोइयॉ ,चितैली छानवे जहॉ पर स्कूल के बच्चों को लैंप वितरण हो चुका था| वहॉ जाकर बच्चों एवं टीचर से लैंप व योजना के बारे में पूरी जानकारी ली जब से बच्चों को स्टडी सौर ऊर्जा लैम्प मिला है तब से बच्चे अच्छे से पढ़ाई कर रहे हैं एेसा टीचरों ने फीडबैक दिया व प्रधानमंत्री ने इस महत्वाकांक्षी योजना की तरीफ की । आईआईटी की तरफ से देख रहे उत्तर राज्य के परियोजना प्रबंधक शैलेन्द्र द्विवेदी ने बताया है कि यह योजना भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय एवं आईआईटी मुंबई, ईईएसएल व उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीणआजीविका मिशन के संयुक्त तत्वावधान में 70 लाख सौर ऊर्जा लैंप परियोजना चलायी जा रही है इस योजना के अंतर्गत आजीविका के लिए समूह की महिला सदस्यों को प्रशिक्षित कर सोलर लाइट बनाना व वितरण करना सिखाया गया है सोलर लैम्प बनाकर एक से बारह तक के सभी विद्यार्थीयों को स्कूलों में वितरण किया जा रहा है |भारत सरकार के द्वारा जारी इस योजना का उद्देशय भारत के सभी गरीब प्रारम्भिक से माध्यमिक स्तर (1-12) तक छात्र छात्राओं को पढ़ाई करने के लिए स्कूल में लैम्प वितरण 100 रू में किया जायेगा जब कि इस लैंप की वास्तविक मूल्य 700 रू है | इस लैम्प को बनाने वाली समूह की महिला को 12 रू0 प्रति लैम्प एवं वितरण करने वाली महिलाओं को 17 रू0 प्रति लैम्प दिया जायेगा। जिससे महिलाएं 1 दिन में 300 रू0 तक लगभग आमदनी कर सकती है। इस योजना के अंतर्गत ब्लाक छानवे 62 हजार स्कूल जाने वाले ग्रामीण बच्चों को स्टडी सौर ऊर्जा लैम्प वितरण होना है तथा इस ब्लाक मे 2 असैंबली एवं डिस्ट्रीब्यूशन केंद्र खोले गए हैं तथा अभी तक 8000 बच्चों को लैंप वितरण हो चुका हैं ।तथा इस योजना के अंतर्गत 60 महिलायों को रोजगार भी मिला है । ये परियोजना उन उन क्षेत्रों में चलाई जा रही है जहां पर या तो बिजली का कनेक्शन नहीं है और कनेक्शन है तो या तो बिजली की कटौती होती है या फिर उनसे प्राप्त प्रकाश नहीं मिलता उसके कारण या फिर स्कूल जाने वाले बच्चे शाम को किरोसिन दीपक में पढ़ते हैं या तो उनके पढ़ने में असुविधा होती है । इसलिए सोलर लाइट परियोजना विशेष रूप में स्कूल के बच्चों के लिए तैयार की है । लाइट प्रशिक्षण के बाद यही के समुदाय ने बनाया है| अगर सोलर लाइट खराब होता है तो अगस्त 2019 तक निशुल्क रिपेयर किया जाएगा। बिजली नहीं होने पर लोग प्रकाश के लिए किरोसिन दीपक का उपयोग कर हैं जिससे हमारे शरीर के अंगों जैसे आंखों फेफड़ों आदि पर दुष्प्रभाव पड़ता है। साथ ही पर्यावरण को भी नुकसान नही पहुंचेगा परंतु हम अपनी बिजली खुद उत्तपन्न कर सकते हैं । यह योजना उत्तर प्रदेश के 29 जनपद एवं 115 ब्लाकों में लागू हुई हैं तथा 34 लाख स्टडी सौर ऊर्जा लैम्प 29 जनपद 115 ब्लाकों के स्कूलों के बच्चों को वितरण किया जाना हैं| यह योजना पॉच राज्यों मे लागू की गयी-उत्तर प्रदेश,बिहार,झारखंड,उड़ीसा,असम मे चल रही हैं |अभी तक 3 लाख 70 हजार बच्चो को स्टडी सौर लैम्प वितरण हो चुका हैं प्रथम चरण में जनपद – सोनभद्र,उन्नाव, बहराइच, खीरी, हरदोई, इलाहाबाद, वाराणसी, गोरखपुर ,लखनऊ, हमीरपुर, चित्रकूट,मिरजापुर मे योजना चल रही हैं तथा अभी तक 12 जनपद के 16 ब्लाकों मे आजीविका मिशन की 400 महिलाओं को रोजगार भी मिला चुका है| इस योजना मे कार्य करने वाली महिलाओं को लैम्प को बनाने वाली समूह की महिला को 12 रू0 प्रति लैम्प एवं वितरण करने वाली महिलाओं को 17 रू0 प्रति लैम्प दिया जायेगा। जिससे महिलाएं 1 दिन में 300 रू0 तक लगभग आमदनी कर सकती है। तथा महिलाएं प्रति माह 5000 रू से 6000 रू कमा लेती है |इस मौके पर उपस्थिति टेक्नीकल मैनेजर सुजीत,उपस्थिति थे ।

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