आस्थाप्राचीन स्मृतियां गुफाएं झरने लुप्त होने के कगार पर -MIRZAPUR

प्राचीन स्मृतियां गुफाएं झरने लुप्त होने के कगार पर -MIRZAPUR

9453821310-मिर्जापुर विंध्य पर्वत पर हजारों हजार साल प्राचीन स्मृतियां गुफाएं झरने लुप्त होने के कगार पर आ गई ।अष्टभुजा देवी के निकट भैरव कुंड जहां 12 महीने जल प्रचुर मात्रा में कुंड में रहता था इस वक्त नाम मात्र के जल होने की वजह से साधु संतों ने चिंता जाहिर किया है। बताया कि पहाड़ों पर हो रहे अवैध कब्जे से पर्यावरण पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है जिसके कारण अति प्राचीन सीता कुंड व मक्षुनधरा कुंड में जल का आगमन नहीं के बराबर हो गया है ,समय रहते यदि प्रशासन व यहां के नागरिक नहीं चेतेंगे तो हमारी हजारों साल प्राचीन सभ्यता विरासत हिंदू धर्म में मान्यता प्राप्त वह महत्वपूर्ण स्थलों पर भी संकट के काले बादल दिखने लगे है।भैरव कुंड के समीप बाबा भैरव की स्तुति करते दीपू पांडे ने बताया की स्थिति बड़ी विकराल है जहां बराबर झरने बहने की बात दंत कथाओं के माध्यम से सुनने को मिलता था लेकिन अब सूखे की स्थिति हम सबको चिंता में डाल दिया है आने वाले पर्यटकों पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है। साथ ही साथ दर्शनार्थियों ने भी इस विषय पर चिंता जाहिर किया है इसी स्थान पर तंत्र साधन स्थल भी स्थित है , यहां पर दूर ,दूर तक तंत्र साधना के लिए इस स्थान पर आते हैं उन्होंने भी स्थान के महत्व पर प्रकाश डाला भैरव कुंड के जल के बारे में लोगों का कहना है कि जड़ी बूटियों के बीच से निकल कर आने वाला यह जल मनुष्य के लिए उत्तम माना जाता है ।स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से उम्दा यह जल कुछ समय पूर्व तक दूरदराज राज्यों में भी यहां से जल जाता था ।लेकिन अब जल प्रचुर मात्रा में ना होने की वजह से इसका लाभ लोग नहीं ले पा रहे हैं जो चिंता का कारण है ।शासन-प्रशासन प्राथमिकता के आधार पर अगर इस तरफ ध्यान नहीं देगी आने वाला समय मैं हम सब लोग इस प्राचीन धरोहर को समाप्त कर बैठेंगे।

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