जलता हुआ पान खाने के पश्चात पूरा मुंह क्यों ठंडा हो जाता है-MIRZAPUR

प्राय: लोग तमाम प्रकार के पानो का सेवन करते हैं सादा पान, मीठा पान, तंबाकू के साथ वाला पान , चूना का पान, बिना चुना का पान , कत्था का पान ,रसपान ,मद्यपान एवं अन्य प्रकार के तमाम जलपान की बात करते हैं ,मगर हम जिस पान की बात करने जा रहे हैं यह पान कोई साधारण पान नहीं है इस पान को अग्नि पान कहते है।तमाम क्षेत्रों में नई खोज नए तरीके नए अविष्कार किए जा रहे उसी क्रम पान के प्रति बढ़ता आकर्षण और पान के खिलाए जाने का अंदाज और पान को सजाने संवारने के अंदाज में बेहद परिवर्तन आ गया है ।शादी विवाह जैसे मांगलिक कार्यक्रमों में जहां पान का विशेष महत्त्व होता है वहीं अग्नि का भी अपना महत्वपूर्ण भूमिका होती है अग्नि को साक्षी मानकर तमाम शपथ, प्रतिज्ञा संकल्प लिए जाते हैं पान के बारे में भी ऋषि-मुनियों व देव गणों के पक्ष में पान का प्रयोग शुभ माना जाता है महत्वपूर्ण माना जाता है ।पान और अग्नि के समावेश के पश्चात अग्निपान का पान करके एक विशेष अनुभव आनंद की अनुभूति की चर्चा होती है।उसको हर कोई खाकर आजमाना चाहता है उसके अनुभव को जानना चाहता है कि मुंह में जाने के बाद गर्मी करेगा कि ठंडी करेगा लेकिन जलता हुआ पान खाने के पश्चात पूरा मुंह क्यों ठंडा हो जाता है इसको भी वीडियो देखने के बाद स्पष्ट हो सकता है |

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