समाचारखून जांच कराने के पहले खून के आंसू रोने पड़ते हैं-MIRZAPUR

खून जांच कराने के पहले खून के आंसू रोने पड़ते हैं-MIRZAPUR

मंडलीय जिला चिकित्सालय मिर्जापुर में खून जांच संग्रह विभाग में सुबह 8:00 से 11:00 बजे तक जांच होने की बात कही जाती है। कतार में खड़े दूरदराज से आए हुए मरीजों से कहा जाता है आप 2:00 बजे के बाद जांच होगी जाओ जहां जिसको कहना हो कर लो चाहे किसी से भी शिकायत कर लो चाहे डीएम से करो चाहे सीएमएस से करो सी cmo से करो , बीमारी से परेशान गरीब एवं असहाय मरीज चाहे कितनी भी दूर से आया हो उसको जांच के लिए 2:00 बजे का ही समय दिया जाता है ।सामाजिक आस्था से लबरेज रविन्द्र जैसवाल ने कहा कि जिला प्रशासन से और मुख्य चिकित्सा अधिकारी मिर्जापुर से निवेदन करूंगा इस व्यवस्था प्रणाली को बदल दिया जाए क्योंकि दूरदराज से आए हुए मरीजों को दूसरे दिन फिर किराया भाड़ा लगा कर आना पड़ता है। कोई मरीज सुबह खाना खाकर आया है कि नहीं आया है डॉक्टर को दिखाते दिखाते पर्चा लगाते लगाते 12:01 बज जाता है फिर दूसरे दिन 8:00 से 11:00 बजे जांच के लिए आवे, क्या ऐसी व्यवस्था सही है? रविंद्र जयसवाल ने मांग किया कि इस व्यवस्था पर विराम लगाया जाए अन्यथा मैं इसकी जांच के लिए इस व्यवस्था की लड़ाई के लिए प्रदेश के मुखिया से निवेदन करूंगा ।उनको पत्र लिखूंगा कि आप मिर्जापुर मंडलीय चिकित्सालय की जो व्यवस्थाप्रणाली पर नजर डालें एक मरीज को दिखाने के लिए अपनी जांच कराने के लिए जांच रिपोर्ट लेने के लिए कम से कम तीन-चार दिन लग जाते हैं ,और बहुत से सीधे साधे मरीजों को दिखाने जांच कराने में चार-पांच दिन का समय लग जाता है ऐसे में मरीज को चिकित्सा व्यवस्था किस तरीके से मिलती है इसकी जांच कराई जाए क्या सरकारी व्यवस्था देने के लिए जो सरकारी कर्मचारी रखे गए हैं वह इसी तरह की व्यवस्था रखेंगे कि व्यक्ति मरीज हमेशा परेशान रहे वह तो बीमारी से खुद ही परेशान है । रविंद्र जयसवाल ने जिला प्रशासन से निवेदन किया कि इस पर त्वरित रूप से सुनवाई किया जाए ताकि मरीजों को हो रही दिक्कत को समाप्त किया जा सके।

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