जिलाधिकारी ने बी0एस0ए0 कार्यालय का किया आकस्मिक निरीक्षण

04 कर्मचारियों का एक दिन वेतन काटने, 02 को प्रतिकूल प्रविष्टि व तीन से स्पष्टीकरण की मांग

कक्षा 6, 7 व 8 की किताबें पडी हैं डम्प, वितरण के दिये गये निर्देश

मीरजापुर, 16 सितम्बर, 2019- जिलाधिकारी अनुराग पटेल आज दोपहर 12..20 बजे बेसिक शिक्षा कार्यालय अचानक पहुॅच कर निरीक्षण किया। जिलाधिकारी के पहुॅचने पर कर्मचारियों में हडबडी मच गयी , जिस पर जिलाधिकारी द्वारा सबसे पहले उपस्थिति रजिस्टर को अपने कब्जे में लिया गया। निरीक्षण के दौरान कस्तूरबा गांधी जमालपुर के वार्डन के मिलने तथा उनसे बीएस0ए0 कार्यालय आने का करण की जानकारी करने पर बताया किया कि उन्हें रसोइया तथा अन्य स्टाफ के द्वारा परेशान किया जा रहा है जिसकी शिकायत करने आयी हैं, जिस पर जिलाधिकारी ने कहा कि इसी सूचना जिला समन्यक या बेसिक शिक्षा अधिकारी को फोन के द्वारा दी जा सकती थी, तो स्कूल बन्द कर आने की क्या जरूरत थी, जिलाधिकारी कस्तुरबा गांधी विदयालय जमालपुर शील देवी से स्पष्टीकरण की मांगने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों का माह अगस्त का मानदेय नहीं भेजने, शिक्षकों का ई0एल0सी0एल0 व मातृत्व अवकाश के भुगतान न करने तथा इस सम्बन्ध में लेखा-जोखा का विस्तृत विवरण न देने तथा सभी के भुगतान रजिस्टर न बनाये जाने पर कडी नाराजगी व्यक्त करते हुये वित्त एवं लेखाधिकारी गोविन्द सिंह स्पष्टीकरण की मांग की गयी। इसी प्रकार जिला समन्वयक निर्माण अजय सिंह ने निर्माण से सम्बधित पूर्ण एवं अपूर्ण कार्यो की सूची जिलाधिकारी के द्वारा मांगने पर न दे पाने के कारण स्पष्टीकरण की मांग करते हुये पूरी पत्रावली कल शाम तक उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। निरीक्षण के दौरान सहायक लेखाकार सन्तोष कुमार से यह जानकारी करने पर कि किसी अध्यापक का एरियर, ई0एल0,मेडिकल व मातृत्व अवकाश सम्बधित भुगतान स्वीकृति के बाद लम्बित तो नहीं है उनके द्वारा बताया गया उनके विकास खंढ कोन व मझंवा का मामला देखा जा रहा है इस तरह का प्रकरण उनके पास किसी का लम्बित नहीं है जो आया सभी का भुगतान समय से कर दिया गया है, जिस पर जिलाधिकारी द्वारा उनके आलमारी खेलवाकर पत्रालियां देखी गयी तो अध्यापकों का सातवे वेतन का एरियर, सहायक अध्यापक नेहा सिंह प्राथमिक विद्यालय दमोदरपुर मझंवा, अनीता पटेल प्राथमिक विद्यालय तिवारी का पुरवा आंही मझंवा, कामिनी सहायक अध्यापक महामलपुर, राकेश पटेल सहायक अध्यापक महामलपुर, पूजा सिंह सहायक अध्यापक महामलपुर मझंवा, पंचम मौर्या सहायक अध्यापक कोन ब्लाक सहित कई अध्यापकों का ई0एल0 व अन्य भुगतान लम्बित पाया गया जिस पर जिलाधिकारी द्वारा कडी नाराजगी व्यक्त करते हुये सहायक लिपिक सन्तोष कुमार के द्वारा झूठ बोलने पर प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया। इसी प्रकार वरिष्ठ लिपिक विश्वनाथ मौर्य 28 मार्च, 2019 के बाद मूवमेंट रजिस्टर में किसी के द्वारा आने-जाने का ब्योरा न भरवाने के कारण प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी द्वारा विगत छः माह पूर्व निरीक्षण में भी इनसे मूवमेंट रजिस्टर भरने तथा अपडेट करने का निर्देश दिया गया था। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि लिपिक मिथलेश कुमार ट््रेजरी गये हैं तथा सेवालाल हस्ताक्षर कर गायब कार्यालय से गायब हैं। कम्पूटर कक्ष बन्द मिला कम्प्यूटर आपरेटर निरीक्षण के दौरान दूसेर कक्ष में बैठा मिला। इसी प्रकार रजिस्टर में हस्ताक्ष करने के बाद कार्यालय गायब रहने पर लिपिक अरूण कुमार दूबे, जिला समन्वय चन्द्रशेखर आजाद तथा जिला समन्वय एमडीएम राधवेन्द्र का एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया गया। नये नियुक्त अध्यापकों के सत्यापन का रजिस्टर देखा गया जिसमें सत्यापन लिपिक द्वारा बताया गया कि नये नियुक्त 154 तथा पुराने 06 अध्यापकों का सत्यापन के रिपोर्ट भेजा गया है। अनुदेशकों के भुगतान के बारे जानकारी करने पर पाया गया कि 641 अनुदेशकों में 627 का भुगतान तक कर दिया गया है शेष 14 का रिन्यूअल न होने से जुलाई माह से वेतन भुगतान नहीं हा सका है। इसी प्रकार शिक्षा मित्रों के भुगतान के बारे में जानकारी ली गयी तथा समय से भुगतान करकने का निर्देश दिया गया। आय एवं व्यय रजिस्टर के निरीक्षण में पाया गया कि विभिन्न मदों में 29 करोड 56 लाख 42 हजार प्राप्त धनराश के सापेक्ष 22 करोड 42 लाख 55 हजार व्यय कर लिया गया है तथा 07 करोड 09 लाख 86 हजार का अवशेष धनराशि है। इसी प्रकार शिक्षा मित्रों व अनुदेशकों के मानदेय के भुगतान के लिये प्राप्त बजट का निरीक्षण किया गया जिसमें पाया गया कि जितने शिक्ष मित्र व अनुदेशक है। उसके सापेक्ष अधिक बजब् उपलब्ध हैं जिलाधिकारी ने कहा कि विभाग को अवगत कराकर जितने की जरूरत है। उतना ही बजट की मांग की जाये ताकि शेष धनराशि का विभाग के द्वारा कहीं और उपयोग में लाया जा सके। कार्यालय में मेडिकल रजिस्टर नहीं बनाया गया है। स्टोर का निरीक्षण किया गया जिसमें स्कूलों में छात्रों को दी जाने वाली पाठ्य पुस्तकें काफी संख्या में रखी पायी गयी, जिसमें कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों के लिये अंग्रेजी, हिन्दी, गणित, संस्कृत, विज्ञान सहित कई विषयों की किताबे रखी पायी, रजिस्टर के निरीक्षण में पाया गया कि दिनांक 20 जुलाई व 03 अगस्त 2019 को प्राप्त किया गया है सम्बंधित लिपिक के द्वारा विकरण के बारे में जानकारी न दे पाने पर कडी फटकार लगायी गयी तथा जिला समन्यव से पूरा विवरण कल तक उपलब्ध कराने तथा किताबों को स्कूलों में भेजकर वितरण कराने का निर्देश दिया गया। शोचालय के निरीक्षण में बाहर से बदबू के कारण जिलाधिकारी अन्दर नहीं गये तथा फटकार लगाते हुये सफाई के निर्देश दिये। इस दौरान डिप्टी कलक्टर भरत, जिला सूचना अधिकारी ओम प्रकाश उपध्याय व जिला समन्यक, वित्त लेखाधिकारी उपस्थित रहे।