मिशन अन्त्योदय योजनान्तर्गत सर्वे व जी0पी0डी0पी0 बनाने के सम्बन्ध मे्र प्रशिक्षण सम्पन्न

मीरजापुर, 24 सितम्बर, 2019- जिलाधिकारी अनुराग पटेल की अध्यक्षता में आज कलेक्ट््रेट सभागार में मिशन अन्त्योदय जीवन और आजीविका को बढाने के लिये सर्वे तथा जी0पी0डी0पी0 बनाने के सम्बन्ध में एक प्रशिक्ष्ण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में प्रदेश के समस्त ग्राम पंचायतों में अवसंचरना एवं सेवाओं की उपलब्धता सामामिक विकास और संरक्षण आर्थिक एवं आजीविका में विविधता के 40 मानको पर सर्वे कराये जाने तथा सर्वे में चिन्हित क्रिटिकल गैप्स के आधार पर ग्राम प्रचायत विकास योजना जी0पी0डी0पी0 वर्ष-2020-21 तैया कराये जाने के लिये भारत सरकार के निर्देश पर जनपद में संचालित मिशन अन्त्योदय योयजनान्तर्ग सर्वे व जी0पी0डी0पी0 बनाया जाना है। इस सम्बन्ध में जिलाधिकारी ने कहा कि मिशन अन्त्योदय और आजीविका को बदलने वाले मापदंडों पर मापने योग्य प्रभावी परिणामों के लिये एक अभिसरण रूप रेखा है। उन्होंने कहा कि वास्तविक अन्तर अभिसरण के माध्यम से आता है क्यों कि यह अकेले ही गरीबी को संबोधित करता है। बैठक में अभिसरण के साक्ष्य गरीबी को कम करने, आय बढाने एं आईआरएमएस अध्ययन, महिला एस0एच0जी0 के माध्यम से साम्यीकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य पोषण संकेतकों में सुधार, उत्तोलन बैंक ऋण एक उद्यमाडल को बढावा देना, पात्र लाभार्थियों के सार्वभौमिक कवरेज के लिये कई पहल प्रदान करना, उज्जवला, इंटरनेट बैंक खाते, बुनियादी ढांचे, मानव विकास और सतत आर्थिक कल्याण के बीच अभिन्न सकारात्मक सम्बन्ध एवं 1000 दिनों में सफल ग्रामीण समूहों के 5000 द्वीप परिवर्तनशी करने आदि के सम्ब्न्ध में जानकारी दी गयी। प्रशिक्षण में मिशन अन्त्योदय पर मुख्य फोकस किया गया। विस्तृत जानकारी देते हुये जिला पंचायत राज अधिकारी ने बताया कि ग्राम पंचायत विकास योजना मिशन निर्माण र्ष 2020-21 के नियोजना हेतु उप गतिविधियों के लिये अधिकारियों का त्तरदायत्वि निध्र्रारण किया गया है। बताया कि ग्राम सभा सेर्पू जनपद स्तर पर अभ्यिान संचालन हेतु रणनीति निर्धारण एवं प्रचार-प्रसार तथा जनपद स्तर पर वार्षिक कार्ययोजना 2020-21 के निर्माण एवं गतिविधियोंके संचालन हेतु जिला क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण समिमि की बैठक का आयोजन किया जायेगा। इसके अलावा ग्राम सभा के आयोजन का रास्टर एवं उसमें अधिकारी/कर्मियों की उपस्थिति की समय-सारिणी निर्गत किया जाना तथा ग्राम पंचायत स्त पर योयजना तैयार किये जाने हेतु सहयोगी/मानव संसाधन का निर्धारण एंव अभिमुखीकरण जिला पंचायतरी राज विभाग द्वारा किया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रचार-प्रसार के लिये ग्राम पंचायत की कम से कम दो-दो खुली बैठकें एजेण्डा के अनुसार कर लिया जाये तथा दीवार लेखन, नुक्कड नाटक, तथा विभिन्न माध्यमों से प्राचर-प्रसार कराया जायगा। ग्राम सभा आयोयजन के पूर्व की तैयारियों पर चर्चा करते हुये बताया कि मिशन अन्त्योदय के एप्लीकेशन पर ग्राम पंचाययतयय सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण एवं डाटा अपलोड किया जाये। इसी प्रकार ग्राम पंचायत अवधि में किये जाने वाले कार्यो में प्रत्येक ग्राम पंचायत द्वारा ग्राम सभा की दो बैठकों के आयोजन किया जाना जिसमें एक ग्राम पंचायत में न्यूनतम 15 दिवस के अन्राल पर ग्राम सभा की दो बैठकों का आयोजन वं ग्राम सभा की बैठक आयोजन हेतु आवश्यक दस्तावेजों की सूची उपलब्ध प्रारूप पर भरा जाये। ग्राम सभा की बैठकों में विभिन्न विभागों के फ्रंट लाइन कर्मियों/पंचायत स्तरीय कर्मी की प्रतिभागिता सुनिश्चित कराना एवं उनके माध्यम से विभागीय योयजना की जानकारी ग्राम सभा को देना होगा। उन्होंने यह भी बताया कि ग्राम सभा का कार्यवृत्त लिखा जायेयगा तथा बैठक की फोटाग्राफी एवं वीडियोग्राफी भी करायी जायेगी। इसी प्रकार ग्राम पंचायत विकास योजना का अंतिम दस्तावेज को तैयार करने हेतु आवश्यक विवरण को तैयार करना एवं सभी उपस्थिति दर्ज करना होगा। इस कार्य हेतु ग्राम विकास विभाग, जिला पंचायत राज विभाग एवं ग्राम स्तरीय पंचायत अधिकारियों का दायित्व सौपा गया है।

अन्त में जिलाधिकारी ने कहा कि जिस अधिकारी को जो दायित्व सौपा गया है वे अपने दायित्वों को निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ समय से सम्पादित करायें ताकि कार्य को समय के अन्तर्गत कराया जा सके। इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 ओ0पी0तिवारी, जिला विकास अधिकारी ए0एन0मिश्र, परियोजना निदेशक रिषिमुनी उपाध्याय, के अलावा अन्य जनपदीय अधिकारी उपस्थित रहे।