समाचारविंध्य क्षेत्र की असीम महिमा को आत्मसात किया दर्शनार्थियों ने -मिर्जापुर

विंध्य क्षेत्र की असीम महिमा को आत्मसात किया दर्शनार्थियों ने -मिर्जापुर

*नवरात्र के पहले दिन मां विंध्यवासिनी के धाम में उमड़ा श्रद्धालुओं का हुजूम।*
आज रविवार को पहला शारदीय नवरात्र प्रारंभ हो गया है।आज माता शैलपुत्री की पूजा अर्चना की जाती है।

मीरजापुर से करीब सात किमी की दूरी पर स्थित विंध्याचल भौगोलिक दृष्टि से भारत का मध्य बिंदु माना जाता है।
विंध्य पर्वत का ईशान कोण विंध्य क्षेत्र में ही माना जाता है।

मान्यता है कि इसी कोण पर मां विंध्यवासिनी विराजमान हैं, जहां गंगा नदी विंध्य पर्वत को स्पर्श करते हुए बहती है।

मान्यता है कि नवरात्र के दिनों में आज भी मां विंध्यवासिनी भक्तों को दर्शन देने के लिए पताका पर विराजती हैं।

*मां विंध्यवासिनी की महिमा*

यह देश के 51 शक्तिपीठों में से एक है। यहां तीन किलोमीटर के दायरे में तीन देवियों के दर्शन होते हैं। इनके पास ही मां अष्टभुजा और महाकाली देवी अष्टभुजा नामक दूसरी पहाड़ी पर निवास करती हैं। अन्य शक्तिपीठों में देवी के अलग-अलग अंगों की प्रतीक रूप में पूजा होती है। विंध्याचल ही एकमात्र ऐसा शक्तिपीठ है जहां देवी के संपूर्ण विग्रह के दर्शन होते है।

वहीं सुरक्षा की बात की जाए तो मिर्जापुर जनपद के जिलाधिकारी अनुराग पटेल व पुलिस अधीक्षक मिर्जापुर धर्मवीर सिंह ने सुरक्षा का जायजा लिया।

मेले को 8 सेक्टर 18 जोन में बांटा है गया है।भारी फोर्स के साथ पीएससी बल भी लगाया गया है।चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया है।

बम स्वायड,जल पुलिस, सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। ड्रोनकैमरै से पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी क की जा रही है।जगह जगह बैरियर लगाए गए हैं।

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