आज मिर्जापुर में इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन उत्तर प्रदेश इकाई के तत्वाधान में जिला पूर्ति अधिकारी मिर्जापुर को एक ज्ञापन सौंपा गया ।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित करते हुए दिए ज्ञापन के माध्यम से उचित दर विक्रेताओं के समस्याओं के निदान और मांग के विषय में कहा गया है। ज्ञापन पत्र के अनुसार कहा गया है कि अन्य प्रदेशों की भांति उत्तर प्रदेश के कोटेदारों को 25000 से ₹30000 मानदेय दिया जाए ।दूसरी मांग के अनुसार कहना था कि 2001 से अब तक दुकानदारों का बकाया भाड़ा एपीएल व बीपीएल अंतोदय तथा एमडीएम दिलवाया जाए ।वह धनराशि विभागों की लापरवाही के कारण नहीं दिया जा रहा है ,जबकि सारा रिकॉर्ड सरकार के पास मौजूद है सीधे खाते में मिल जाना चाहिए था। फर्जी मुकदमे की निष्पक्ष जांच करवाकर घोटाले के असल दोषी के विरुद्ध कार्रवाई कर निर्दोष दुकानदारों की दुकान पुनः संचालित कराई जाए। प्रदेश में ई पास मशीनें लगाई गई हैं 100% राशन मशीन से वितरण करना चाहते हैं तथा आधार में प्रॉक्सी नहीं चाहते लेकिन फिंगरप्रिंट ना आने के कारण प्रॉक्सी करना मजबूरी होता है मशीन के वितरण के साथ ही मैनुअल वितरण का आदेश दिया जाए जिससे किसी उपभोक्ता को बार-बार दुकान के चक्कर न लगाना पड़े ।मशीन खराब हो जाने की स्थिति में शिकायत करने पर 24 घंटे के अंदर ठीक कराए जाने की भी मांग की गई है। साथ ही साथ राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अंतर्गत होम डिलीवरी का प्रावधान है जो डोर स्टेप डिलीवरी के संबंध में ठेकेदार की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी गई है किंतु जहां जहां लागू हो गई है वहां पर पूर्व से अधिक शोषण हो रहा है और दबंग ठेकेदारों के कारण कोटेदार बोल नहीं पा रहे हैं ऐसी दशा में उचित होगा कि डोर स्टेप डिलीवरी में होने वाली दुकानदारों को दिया जाए कहा कि हम लोगों को खाद्यान्न वजन कर नहीं मिलता और ना ही बोरे का वजन मिलता है इसे दिलाने की आदेश जारी किया जाए ।कहा कि यदि हम लोगों की मांगे नहीं मानी जाती हैं तो हम लोग न्यायालय की शरण लेने पर मजबूर होंगे तथा 21 अक्टूबर 2019 से खाद्यान्न का उठान बंद कर दें जिसकी सारी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।