मीरजापुर 19 अक्टूबर, 2019- शासन के निर्देश के क्रम में आज अश्टभुजा निरीक्षण गृह के सभागार में शासन की प्राथमिकताओं वाले महिलापरक कार्यक्रमों/योजनाओं के अनुश्रवण एवं स्थलीय सत्यापन के लिये जनपद मीरजापुर के लिये शासन द्वारा नामित नोडल महिला अधिकारी भावना श्रीवास्तव आई0ए0एस0 के द्वारा अधिकारियों के साथ बैठक कर महिलापरक योजनाओं के प्रगति के बारे में समीक्षा की गयी। इस दौरान जिलाधिकारी अनुराग पटेल, पुलिस अधीक्षक डा0 धर्मवीर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी पिंयंका निरंजन, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 ओ0पी0 तिवारी, अपर जिलाधिकारी यू0पी0सिंह, अपर पुलिस अधी़क्षक प्रकाश स्वरूप पाण्डेय व अन्य सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहें । इस दौरान स्वास्थ्य विभाग, जिला कार्यकक्रम विभाग, महिला कल्याण विभाग, जिला जेल, महिला परिवार परामर्श केन्द्र, महिला थाना, तथा क्षिक्षा विभाग में संचालित महिलापरक योजनाओं की बिन्दुवार समीक्षा की गयी। इस दौरान नोडल अधिकारी भावना श्रीवास्तव ने जिला प्रोवेशन अधिकारी को निर्देशित करते हुये कहा कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाला कार्यक्रम कन्या सुमंगला योजना को अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार कराकर अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित कराया जाये। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस योजना के लिये यह बताया जाये कोई भी लाभार्थाी आन लाइन आवेदन कर सकता है। कहा कि महिलाओं में शिक्षा को बढावा के लिये अधिक से अधिक स्कूलों में नामांकन कराया जाये तथा शासन द्वारा देय सुविधाओं को उपलब्ध कराया जाये। इस टीकाकरण, की भी समीक्षा की गयी। कन्या सुमंगला योजना के अन्तर्गत जिला प्रोवेशन अधिकारी अमरेन्द्र कुमार ने बताया कि अभी तक योजनान्तर्गत 1122 बालिकाओं का पंजीकरण किया गया है। उन्होंने बताया कि बालिकाओं के कक्षा एक तथा दो में प्रेवश कराने दो-दो हजार तथा कक्षा नौ में प्रवेश कराने के समय तीन हजार रूपया उनके खाते में भेजा जाता है। समीक्षा के दौरान बेटी बचाओ-बेटी पझाओं योजना के प्रति भी लोगों को जागरूक करने का निेर्देश दिया गया। समीक्षा के महिला हेल्प लाइन 181, 1090 आदि की समीक्षा की गयी। इस दौरान विधवा पेंश्ज्ञन, रानी लक्ष्मी बाई महिला सम्मान योजना, महिला शरणालयों की भी समीक्षा की गयी। इस दौरान बताया गया कि स्थानीय स्तर में मामलों पर जिला प्रावेशन अधिकारी जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक से मिलकर निस्तारण करायें। उन्होंने जिला प्रोवशन अधिकारी अपने विभाग के महिला परक योजनाओं को प्रभावी बनाने व उसे धरातल पर लागू कराने के लिय स्वयं जिम्मेदार हैं संरक्षण गृहों को औचक निरीक्षण करने का भी निर्देश दिया गया। उन्होंने बाल विवाह के प्रति कडा रूख अपनाते हुये कहा कि ऐसी सूचना पर तत्काल कार्यवाही की जायेगी अधिकांश जगहों पर गोपनीय ढंग से बाल विवाह कराया जाये उसकी जानकारी अपने सूत्रों से किया जाये तथा उसक रोक लगाने हेतु प्रीाावी कदम उठाये जाये। इस दौरान पुलिस विभाग में संचालित महिलापरक योयनाओ की जानकारी ली गयी। महिला हेल्प लाइन 1090, १०० डायल गुमशुदा बालिकाओं/मलिाओं की स्थिति, तीन माह से अधिक बालिकाओं की गुमशुदगी व बरामदगी, एन्टी रोमियों की सक्रियाता, घरेलू हिंसा, परिवार परामर्श केन्द्र की समीक्षा, महिला अपहरण, शिक्षा विभाग से सम्बन्धितबालिकाओं की छात्रवृत्ति व अन्य योजनायें, मुख्य चिकित्साधिकारी के द्वारा जननी सुरक्षा व अन्य स्वास्थ्य सम्बन्धी योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी। इस दौरान बताया गया कि रेडिरूोलाजिस्ट न होने से काफी परेशानी हो रही है इसी प्रकार विभिन्न क्राइम में लिप्त महिलाओं को पकडने के बाद उन्हें रखने के लिये महिला शरणालय आदि की व्यवस्था न होने से परेशानी का सामना करना पउता है। जिस पर नोडल अधिकारी ने बताया कि इसके लिये जिलाधिकारी द्वारा शासन स्तर पर पत्राचार किया जाये तथा उसकी प्रति उन्हें भी उपलब्ध करायी जाये शासन स्तर पर इस बिन्दु की जानकारी दी जायेगी। इस दौरान आंगनवाडी केन्द्रों की इस्थिति, सुपोषण आदि की भी जानकारी ली गयी। जेल में बन्द महिला केैदियों के बारे में भी जानकारी ली गयीं। इस दौरान क्षेत्राधिकारी, सदर, थानाध्यक्ष महिला थाना, जिला प्रावेशन अधिकारी अमरेन्द्र कुमार जिला कार्यक्रम अधिकारी पी0के0सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षण देवकी सिंह, के अलावा अन्य सभी सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहे।