जिलाधिकारी ने किया पाॅच स्कूल व एक साधन सहकारी समिति का निरीक्षण

साधन सहकारी के दो कर्मचारियों का चार दिन का वेजन रोकने का निर्देश

मीरजापुर, 22 अक्टूबर, 2019- जिलाधिकारी अनुराग पटेल आज पूर्वाह्न मडिहान क्षेत्र के कई प्राथमिक विद्यालयों, जूनियर हाई स्कूल व एक साधन सहकारी समिति का औचक निरीक्षण किया। अपने निरीक्षण अभ्यिान के तहत जिलाधिकारी सबसे पहले प्रातः 10 बजकर 28 मिनट पर पटेहरा विकास खण्ड के ग्राम फुलियारी प्राथमिक विद्यालय पहुॅच, जहां पर प्रधानाध्यापक रौशन अली, साहयक अध्यापक बैशाली व शिक्षामित्र अनिल कुमार अपने कक्ष में उपस्थित पाये गये। एम0डी0एम0 रजिस्टर में 50 बच्चों के लिये खाना बनाया दर्ज किया गया है। स्कूल के कक्षा में छा़त्रों की उपस्थिति का निरीक्षण किया गया जिसमें कक्षा-एक में 17 बच्चों के नामांकन 11 बच्चे उपस्थित पाये इसी प्रकार कक्षा दो में 13 में से 07, कक्षा तीन में 20 के सापेक्ष 14, कक्षा चार में 11 के सापेक्ष 07, तथा कक्षा पाॅच में 19के सापेक्ष 14 बच्चे उपस्थित पाये गये। बच्चें से पठन-पाठन के बारे में जानकारी लेने पर शिक्षा की गुणवत्त काफी खराब पायी जिससे जिलाधिकारी ने सम्बधित अध्यापकों को कडी फटकार लगाते हुये वहां से कहीं अन्यत्र हटाने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाये अन्यथा कडी कार्यवाही भी की जायेगी। बच्चों से जानकारी करने पर डर््ेस, जूता-मोजा, किताब सभी का वितरण किया जाना पाया गया परन्तु स्कूल में कोई भी बच्चें जूता मोजा पहन कर नहीं आने से प्रधानाध्यापक को हिदायत दी गयी कि छात्रों से जूता मोजा पहन कर आने हेतु कहा जाये। स्कूल में मात्र एक छात्र जूता पहन कर आया था। जिलाधिकारी द्वारा कक्षा दो छात्रा नीलम से एमडीएम खाना के बारे में जानकारी ली तथा अन्य छात्रों से 10 का पहाडा व गिनती पूछा तो किसी के द्वारा नहीं बताया गया। कक्षा तीन में सुनैना, जूही, आंचल, मंजू से गिनती व पहाडा तथा हिन्दी के बारे में पूछा गया तथा लिखने को कहा गया तो किसी के द्वारा न ही किताब देखकर पढ पायी न ही श्यामपट पर लिख पाय। इसी प्रकार कक्षा चार के सोनिया यादव सहित कई बच्चों से शिक्षा की गुणवत्ता के बारे में जानकारी ली गयी पठन-पाठन का स्तर काफी खराब होने पर जिलाधिकारी ने कडभ् कार्यवाही की हिदायत दी। एमडीएम के निरीक्षण में दाल चावल बन रहा था, मशाला एवरेस्ट, तेल सलोनी तथा नमक खुला हुआ पाया गया। प्रधानाध्यापक ने बाउड््रीवाल न बनने पर बताया कि कुछ बगल के ग्रामीणों से मुकदमा चल रहा है। शौचालय देखा गया सफाइ्र के निर्देश दिये गये।