जिलाधिकारी ने जनपद भ्रमण कर 50 लाख से ऊपर के निर्माणाधीन परियोजनाओ का किया निरीक्षण

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गुणवत्ता बनाये रखने के लिये कार्यदायी संस्थाओ को दिये निर्देश

मीरजापुर, 30 जनवरी, 2021 जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने आज मुख्य विकास अधिकारी अविनाश सिंह के साथ जनपद में 50 लाख से ऊपर निर्माणाधीन परियोजनाओ का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सबसे पहले पालीटेकनिक परिसर में लगभग 15 करोड़ 44 लाख की लागत से निर्मित राजकीय महिला पालीटेकनिक का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उपस्थित सम्बन्धित कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी समिति के अधिशाषी अभियन्ता द्वारा बताया गया कि उक्त भवन का निर्माण वर्ष 2016 में प्रारम्भ किया गया। अब तक 1466.25 लाख प्राप्त धनराशि के सापेक्ष 1296.57 लाख की धनराशि व्यय करते हुये 87 प्रतिशत कार्य की प्रगति प्राप्त की गयी है जिसमें मुख्य भवन का फिनिशिंग कार्य, र्वकशाप का फिनिशिंग कार्य प्रगति पर है तथा छात्रावास का प्लास्टर कार्य, प्रधानाचार्य आवास, बाउन्ड्रीवाल आदि का कार्य पूर्ण करा लिया गया है जिसमें पेटिंग आदि का कार्य अवशेष रह गया है। जिसे पूरा करते हुये मार्च 2021 तक हैण्डओवर कर दिया जायेगा। जिलाधिकारी अपने निरीक्षण के दौरान फर्श व सीढ़ियो पर लगाये जा रहे कोटा स्टोन में सीमेन्ट की मात्रा और बढ़ाने का निर्देश देते हुये टाइस्ल के बीच के गैप को व्हाइट सीमेन्ट से भरने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी द्वारा वहाॅ पर बनाये गये बालू सीमेन्ट के मसाला की गुणवत्ता की जाॅच के लिये सैम्पल लेते हुये जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी को लैब से जाॅच कराने का निर्देश दिया। उन्होने कहा कि कार्य में तेजी लाते हुये मार्च 2021 तक हैण्डओवर की कार्यवाही अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करा ली जाय।

जिलाधिकारी द्वारा इसके बाद सी0एन0डी0एस0 कार्यदायी एजेन्सी द्वारा बनाये जा रहे ड्राईविंग प्रशिक्षण सेंटर का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान सम्बन्धित अधिकारी द्वारा बताया गया कि परियोजना की कुल लागत 4 करोड़ 80 लाख के सापेक्ष प्राप्त 3 करोड़ 92 लाख को व्यय करते हुये 92 प्रतिशत कार्य को पूर्ण करा लिया गया है जिसे जिलाधिकारी द्वारा 10 फरवरी 2021 तक पूर्ण कराते हुये हैण्डओवर की कार्यवाही करने का निर्देश दिया गया है। इसी स्थल पर निर्माणाधीन बाउड्रीवाल की गुणवत्ता पर असंतोष व्यक्त करते हुये गुणवत्ता को बरकरार रखने का निर्देश दिया गया। तद्उपरान्त जिलाधिकारी द्वारा आई0टी0 इंजीनियरिंग कालेज का निरीक्षण किया सहायक अभियन्ता सी0एन0डी0एस0 के द्वारा बताया गया कि उक्त परियोजना की कुल लागत 88 करोड़ 68 लाख के सापेक्ष 36 करोड़ प्राप्त हुआ था। सभी धनराशि को व्यय करते हुये 35 प्रतिशत कार्य पूर्ण कराया गया है। शासन से धनराशि प्राप्त न होने के कारण कार्य रूका हुआ है। जिलाधिकारी ने कहा कि समस्त पत्रावलियो सहित कलेक्ट्रेट लाकर परीक्षण कराये ताकि धनराशि के लिये शासन को पत्राचार किया जा सके। इसके बाद जिलाधिकारी द्वारा पहाड़ी विकास खण्ड के ग्राम उमरिया लोकापुर में मा0 मुख्यमंत्री जी के घोषणा के बाद निर्माणा डिग्री कालेज का निरीक्षण किया गया। कार्यदायी संस्था सी0एन0डी0एस0 के अधिकारी द्वारा बताया गया कि 7 करोड़ 42 लाख लागत के सापेक्ष 2 करोड़ की धनराशि प्राप्त हुयी है जिसमें 01 करोड़ 86 लाख व्यय कर लिया गया है। जिलाधिकारी द्वारा निरीक्षण के दौरान डाले गये पिलर की गुणवत्ता पर असंतोष व्यक्त करते हुये कहा कि पिलर जहाॅ-जहाॅ टेड़ा व गैप है उसे तत्काल ठीक कराया जाय। निरीक्षण के दौरान मौके पर बनाये जा रहे बालू व सीमेन्ट का मसाला की मात्रा के बारे में उपस्थित मिस्त्री व लेबरो से जानकारी करने पर किसी के द्वारा 05/01 किसी के द्वारा 04/01 की मात्रा बतायी गयी जिस पर जिलाधिकारी द्वारा कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुये बनाये गये बालू व सीमेन्ट के मसाला को सैम्पल लेकर जाॅच कराने का निर्देश जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी को दिया। उन्होने कहा कि एम माह बाद उनके द्वारा पुनः निरीक्षण किया जायेगा यदि बताये गये कमियांे को सही नही कराया गया तो सम्बन्धित अधिकारी के विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अविनाश सिंह, जिला एवं अर्थ संख्याधिकारी कैलाश, शशिकान्त के अलावा अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहें।

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