मनरेगा , आवास अन्य योजनाओं का कार्य पूर्ण रूप से बाधित करने की चेतावनी



वीरेंद्र गुप्ता मिर्जापुर 9453821310,

आज दिनांक 24,07.2021 को भरुहना स्थित एवन हाल में ग्राम विकास अधिकारी / ग्राम पंचायत अधिकारी समन्वयक समिति , जनपद मीरजापुर की बैठक पूर्व सूचना के अनुसार आहुत की गई है । बैंठक में निग्न बिन्दुओं पर ‘ चर्चा की गई
1. विकास खण्ड में तैनात प्रभारी खण्ड विकास अधिकारी के तानाशाही व भ्रष्ट रवैये से झुध होकर विकास खण्ड छानबे को ग्राम पंचायत सचिवो द्वारा यह निर्णय लिया गया कि प्रभारी खण्ड विकास अधिकारी / एस टी 0 एम 0 का स्थानान्तरण तत्काल अन्यत्र कर दिया जाय । अन्यथा शासन द्वारा संचालित योजनाए यथा गनरेगा , आवास अन्य योजनाओं का कार्य पूर्ण रूप से बाधित कर दिया जायेगा । 2 विकास खण्ड छानवे में तैनात सहायक लेखाकार द्वारा ग्राम पंचायत सपियों का शोषण लगातार किया जा रहा है जिसकी सूचना पूर्व में भी जिला स्तरीय अधिकारियों को दी जा चुकी है परन्तु जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा कोई भी कार्यवाही इनके खिलाफ नहीं की गई । इनका संबंद्धीकरण किसी अन्यत्र कार्यालयों में किया जाय तथा कोई भी विकास खण्ड इनको न दिया जाय । 3. ग्राम पंचायतो की जाँच नियमावली 1997 के अनुसार ही ग्राम पंचायतो के कार्यों की जांच जाय । 4. बिना आरोप पत्र , स्पष्टीकरण के निलम्बन की कार्यवाही न की जाय । 5. निलम्बित ग्राम विकास अधिकारी श्री प्रकाश चन्द्र दूबे , विकास खण्ड छानवे , राहुल सिंह , विकास खण्ड राजगढ़ , भारतेन्दु राव . विकास खण्ड राजगढ़ व ग्राम पंचायत अधिकारी कैलाश नाथ बिन्द , विकास खण्ड लालगंज की तत्काल महाली की जाय जिससे विकास कार्य को गति प्रदान की जा सके । 6. किसी भी ग्राम पंचायत सचिव के विरुद्ध कार्यवाही प्रस्तावित करने से पूर्व यह संज्ञान में लेना आवश्यक है कि एक ग्राम पंचायत सचिव के पास 3 से 4 या उससे अधिक ग्राम पंचायतो का प्रभार है । निलम्बन के पश्चात रिक्त ग्राम पंचायतो का भार पहले से ही अधिक कार्य से पीडित ग्राम पंचायत सचिव पर थोप दिया जाता है जिससे विकास कार्य प्रभावित होता है तथा अनावश्यकब मनमाने ढंग से की गई कार्यवाही की वजह से मनोबल भी गिरता है । 7. मनरेगा योजना में विकास खण्ड हलिया व अन्य विकास खण्डो में भी डिमाण्ड देने के बावजूद समय पर मस्टर रोल निर्गत नही किया जाता है तथा सम्पूर्ण कार्यो की जिम्मेदारी केवल ग्राम पंचायत सचिव पर थोप दी जाती है । 8. प्रधानमंत्री आवास योजना अन्तर्गत लाभार्थियों के पात्र एवं अपात्र तथा चयन में ग्राम पंचायत सचिवों की कोई भूमिका नही है । शासनादेश संख्या 25 / 2017 / 857 / 38-4-17-14 ( विविध ) -2016 टी 0 सी 0 दिनांक 22.08.2017 के अनुसार ग्राम पंचायत सचिवो की आवास स्वीकृति में कोई भूमिका नहीं है । इस संबंध में दीवाल लेखन भी ग्राम पंचायतो में पूर्व में कराया गया है परन्तु विकास खण्ड स्तर व जिला स्तर से सम्पूर्ण जिम्मेदारी ग्राम पंचायत सचिवो पर डालकर कार्यवाही कर दी जाती है । आवास निर्माण में विकास खण्ड स्तर व जिला स्तर से टीम भावना का विकास कर टीम भावना से ही आवास निर्माण का कार्य पूर्ण किया जा सकता है । क्योंकि हलिया जैसे विकास खण्ड में एक – एक ग्राम पंचायत सचिव के पास 600 से 700 की संख्या में आवासो का निर्माण किया जाना है । जोकि संसाधन विहिन अकेले ग्राम पंचायत सचिव के वश की बात नहीं है । खण्ड स्तर से व जनपद स्तर से इस संबंध में योग्य लेकर आवास पूर्ण किये जा सकते है । 9. उमाशंकर सिंह , ग्राम पंचायत अधिकारी जोकि पूर्व में भारतीय सेना में तैनात थे । इनकी पुरानी नौकरी को वर्तमान नौकरी में समायोजित नही किया गया है जिससे उनको वेतनवृद्धि का लाभ नहीं प्राप्त हो रहा है । 10. यह निर्णय लिया गया कि जिला स्तरीय अधिकारियों से मिलकर समस्त कठिनाईयों से अवगत कराया जायेगा । बैठक की अध्यक्षता समन्वयक समिति के अध्यक्ष राकेश तिवारी ने की , संचालन अवयनाथ यादव ने किया । अनूप दूबे , पियूष दूबे , राजेन्द्र बिन्द , विश्वेश सिंह , संजय पाण्डेय , अनिल कुमार , प्रकाश दूबे , हरिश्चन्द्र बिन्द , मुकेश मिश्रा ने सम्बोधित किया ।

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