समाचारपराली जलाने पर ₹15000 तक देना पड़ सकता है पेनाल्टी, मिर्जापुर

पराली जलाने पर ₹15000 तक देना पड़ सकता है पेनाल्टी, मिर्जापुर


आज दिनांक 30.10.2021 को फसल अवशेष प्रबन्धन योजनान्तर्गत पराली न जलाने के सम्बन्ध में जनपद मीरजापुर में व्यापक रूप से प्रचार प्रसार हेतु प्रवीण कुमार लक्षकार, जिलाधिकारी, मीरजापुर द्वारा हरी झण्डी दिखाकर प्रचार वाहनों को कलेक्ट्रेट परिसर से रवाना किया गया। जिसमें प्रचार वाहन द्वारा विकास खण्ड पटेहरा के न्याय पंचायत पटेहरा खुर्द, बहुती, पथरौल, रामपुर अतरी में व हलिया के न्याय पंचायत बरौधा, हलिया, बबुरा कलां, खुटहां, मतवार में व विकास खण्ड सीखड़ के न्याय पंचायत मेड़िया, धनैता, हांसीपुर में, विकास खण्ड लालगंज के रजई, कटाई, दुबार कला, पचोखर, विकास खण्ड-राजगढ़ के देवपुरा, धौरहा, तेन्दुआ कला, सरिया, राजगढ़, विकास खण्ड- पहाड़ी के भोजपुर, कठिनई, नेवढ़िया व दांती न्याय पंचायत में, विकास खण्ड सीटी के अमोई, दुबरा पहाड़ी, बेदौली, बरकछा कला, राजपुर, विकास खण्ड- नरायनपुर के बघई, धौरहां, अघवार, शेरपुर, विकास खण्ड- कोन के बल्लीपरवा, मुजेहरा, चील्ह, हुसैनीपुर के न्याय पंचायत में तथा विकास खण्ड जमालपुर के ओड़ी, मदारपुर, बहुआर, रोशनहर, विकास खण्ड- मझवा ंके गोधरा, जमुआ, जलालपुर, महामलपुर, विकास खण्ड छानबे में गैपुरा, विजयपुर, कुशहां, नराईया, खैरा, हरगढ़ के न्याय पंचायत में प्रचार प्रसार किया जायेगा। इस प्रचार वाहन द्वारा तीन दिवसीय भ्रमण किया जायेगा जो दिनांक 30.10.2021 से 01 नवम्बर 2021 तक चलेगा।
जिलाधिकारी द्वारा किसानों से अनुरोध किया गया कि वह वह फसल अवशेषों को खेतों मे न जलायें। फसल अवशेष जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होता है। जिससे श्वांस सम्बन्धित बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है एवं जलवायु के ऊपर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है जिसके कारण फसलों की वृद्धि एवं उत्पादन भी प्रभावित होती है, तथा खेत में पाये जाने वाले सभी प्रकार के मित्र कीट मर जाने से खेत की उर्वरा शक्ति क्षीण हो जाती है एवं मिट्टी की कार्बन भी जलकर नष्ट हो जाने से उस भूमि में कोई भी फसल उगाना एवं उत्पादन करना सम्भव नहीं होता है। किसान भाई फसल अवशेष को खेतों में जलाने की जगह सड़ा गला कर जैविक खाद के रूप में प्रयोग कर सकते है। जिससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ जाती है और फसल का उत्पादन भी अधिक होता है।
फसल अवशेष जलाने वाले दोषी व्यक्ति को राष्ट्रीय हरित अधिकरण आदेश के क्रम में पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति हेतु अर्थदण्ड की व्यवस्था की गयी है। जो इस प्रकार है।
1- कृषि भूमि का क्षेत्रफल दो एकड़ से कम होने की दशा में अर्थदण्ड रू0 2500 प्रति घटना।
2- कृषि भूमि का क्षेत्रफल दो एकड़ से अधिक किन्तु 5 एकड़ तक होने की दशा में अर्थदण्ड रू0 5000 प्रति घटना।
3- कृषि भूमि का क्षेत्रफल 5 एकड़ से अधिक होने की दशा में अर्थदण्ड रू0 15000 प्रति घटना निर्धारित किया गया है।

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