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15 कर्मचारी पाये गये अनुपस्थित जिनमें 04 कर्मचारी हस्ताक्षर बनाकर कार्यालय से रहे गायब


जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय का किया औचक निरीक्षण

दो घंटे तक कक्षवार पत्रावलियों को खंगालने से कार्यालय में मची रही अफरा तफरी

कार्यालय में जगह-जगह रद्दी कूड़े का ढेर सीढ़ियो, कार्यालयों में जाली व खिड़कियो नर गन्दगी पाये जाने पर जिलाधिकारी ने व्यक्त की कड़ी नाराजगी, 01 कर्मचारी को निलम्बित करने का निर्देश

मीरजापुर 30 नवम्बर 2021- जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने आज दोपहर लगभग 12ः20 बजे बिना किसी सूचना के मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय पहुॅचकर औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अपने कार्यालय में स्वयं मुख्य चिकित्साधिकारी नही थे, जिलाधिकारी के आने की सूचना मिलते ही कार्यालय में पहुॅचे। जिलाधिकारी के पहुॅचने पर उपस्थित कर्मचारियो में अफरा तफरी का महौल देखा गया कुछ कर्मचारियो के द्वारा मोबाइल पर गायब कर्मचारियो को सूचना दी जाने लगी। जिलाधिकारी द्वारा उपस्थिति रजिस्टर मगवाकर सभी कर्मचारियो को मुख्य चिकित्साधिकारी कक्ष के बाहर बुला लिया तथा एक-एक कर्मचारी को बुलाकर उपस्थिति देखी गयी। उपस्थिति रजिस्टर से मिलान करने पर मनोज कुमार द्विवेदी लेखाकार, बृज लाल वाहन चालक, दिवाकर वाहन चालक तथा एक अन्य कर्मचारी हस्ताक्षर बनाकर कार्यालय से गायब पाये गये, जिनमें वाहन चालक दिवाकर को कैम्प में जाना बताया गया। जिलाधिकारी ने इन चारो कर्मचारियो केा अनुपस्थित मानते हुये एक दिन का वेतन काटने के निर्देश के साथ ही मुख्य चिकित्साधिकारी से 03 दिवस में स्पष्टीकरण की मांग की गयी। इसी प्रकार उपस्थिति रजिस्टर के निरीक्षण करने पर प्रदीप कुमार पाण्डेय, डी0पी0सी0, साधना डी0ए0, शनि कुमार, दिलशाद अली चतुर्थ श्रेणी, जगत बहादुर चैकीदार, पिन्टू एवं राम प्रसाद चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, परमानन्द अर्दली, चन्द्र प्रकाश सिंह, रितेश तथा राजेन्द्र प्रसाद अनुपस्थित पाये गये, इस प्रकार जिलाधिकारी के निरीक्षण में कुल 15 कर्मचारी अनुपस्थित पाये गये। उपरोक्त सभी अनुपस्थित कर्मचारियो का एक दिन का वेतन काटने के साथ ही 03 दिवस के अन्दर मुख्य चिकित्साधिकारी के माध्यम से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। तदुपरान्त जिलाधिकारी द्वारा कार्यालय के एक-एक पटल पर जाकर निरीक्षण किया गया तथा पटल सहायको से उनके कार्य के बारे में विस्तृत जानकारी ली गयी। पटल सहायक गंगा प्रसाद गौड़ के द्वारा बताया गया कि उनके द्वारा सेवानिव्त्त कर्मचारियो का पेंशन व अन्य देय सुविधाओ का कार्य देखा जा रहा है। जिलाधिकारी द्वारा सेवानिवृत्त कर्मचारियो के लम्बित प्रकरण के पत्रावलियो को देखा गया जिसमें कमलेश कुमारी के द्वारा 30 अप्रैल 2021, उदय प्रकाश पाण्डेय के द्वारा 30 मई 2021, प्रेम कुमार 30 जून 2021, सेवानिवृत्त के बाद अथवा प्रस्तुत किया गया है परन्तु चार से छः माह व्यतीत होने के बाद भी अभी तक उस पर कोई कार्यवाही नही की गयी। पटल सहायक के द्वारा पत्रावलियो का रखरखाव सही ढंग नही पाया गया तथा प्राप्त आवेदनो का कोई रजिस्टर नही बनाया गया था सभी प्राप्त दावो को रजिस्टर पर दर्ज करने का निर्देश दिया गया। स्थापना अनुभाग में पटल सहायक केशव दास के कार्यो का निरीक्षण किया गया उनके द्वारा बताया गया कि तीन माह से इस पटल पर कार्य देख रहे है चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियो से सम्बन्धित समस्त कार्य देखा जा रहा हैं। कर्मचारियो के व्यक्तिगत पत्रावली देखने पर मात्र ज्वाइनिंग लेटर के अलावा अन्य कोई प्रपत्र नही पाया गया पटल सहायक केशव प्रसाद द्वारा किसी प्रकार की जानकारी दे पाने एवं कार्य की जानकारी न होने पत्रावलियो का रखरखाव व्यवस्थित ढंग न होने तथा जिलाधिकारी द्वारा पूछे गये प्रश्नो का कोई उत्तर न दे पाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुये जिलाधिकारी ने पटल सहायक केशव दास को निलम्बित करने का निर्देश दिया। मेडिकल चिकित्सा प्रतिपूर्ति कक्ष का निरीक्षण पटल सहायक शीला गुप्ता के द्वारा चिकित्सा प्रतिपूर्ति रजिस्टर आदि का परीक्षण कराया गया, परीक्षणोपरान्त पाया गया कि चिकित्सा प्रतिपूर्ति रजिस्टर पर 04 अक्टूबर 2021 के बाद क्रमांक 229 के बाद कोई प्रतिपूर्ति आवेदन नही पाया गया। वेतन बिलो का परीक्षण एवं वाहन पत्रावली के पटल सहायक के द्वारा बताया गया कि जनपद के बाहर लखीमपुर स्थानान्तरित पटल सहायक मनीष गौतम के द्वारा अभी उन्हे चार्ज नही दिया गया है जिलाधिकारी ने कहा कि उपरेाक्त पटल सहायक को बुलाकर तत्काल चार्ज दिलवाना सुनिश्चित करें। आयुष्मान भारत कक्ष का निरीक्षण किया गया जिसमें जिलाधिकारी द्वारा जिला क्वार्डिनेटर आयुष्मान भारत आयुष पाण्डेय के द्वारा बताया गया कि आयुष्मान भारत के तहत 23 प्राइवेट तथा 16 सरकारी अस्पताल कुल 39 अस्पताल सम्बद्ध हैं। आयुष्मान भारत के तहत अब तक कुल 19 करोड़ का जनपद में लाभार्थियो के इलाज के बाद विभिन्न अस्पतालो को भुगतान किया गया है जिसमें जिलाधिकारी के पूछने पर बताया गया कि राम कृष्ण सेवा अस्पताल ओझला पुल को सबसे अधिक कुल लगभग 1500 मरीजो के इलाज के बाद 01 करोड़ तथा दूसरे नम्बर सिटी अस्पताल बरिया घाट को भुगतान किया गया हैं। जिलाधिकारी ने इन दोनो अस्पतालो का विस्तृत ब्योरा मांगते हुये निर्देशित किया कि जनपद में अब तक कितने अस्पतालो के द्वारा कितने मरीजो का इलाज किया गया तथा उन अस्पतालो को कब-कब कितने-कितने धनराशि भुगतान किया गया कल तक विस्तृत विवरण उपलब्ध करायें। एकाउंट सेंक्शन के निरीक्षण में एकाउंटेट संजय वर्मा के द्वारा वाहन मरम्मत व अन्य बिलो के भुगतान की पत्रावली, हेड संख्या 35 का रजिस्टर, कैश बुक रजिस्टर, वेतन, कंटीडेंसी, 11सी आदि का रजिस्टर व बिलो को देखा गया। कुछ बिलो को अलमारी से निकवाकर जिलाधिकारी द्वारा परीक्षण किया जो रजिस्टर पर अंकित नही पाया गया। कैश बुक के बीच में 03 क्रमांक डालकर खाली रखा गया है उसके आगे बिलो को चढ़ाया गया जिस पर जिलाधिकारी ने खाली क्रमांको बारे में स्पष्टीकरण की मांग की। अलमारियो में अलग-अलग बिल रखे हुये है जिसका न तो कोई पत्रावली पाया गया न ही रजिस्टर पर दर्ज पाया गया। रखरखाव सही न होने पर जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि एक सप्ताह के बाद पुनः उनके द्वारा निरीक्षण किया जायेगा तब तक सभी पत्रावलियो रखरखाव को सही कर ले कार्यालय की साफ-सफाई करा लें। कर्मचारियो को अनुशासित रखे यदि पुनः निरीक्षण के दौरान कमिया पायी गयी तो सम्बन्धित के विरूद्ध कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जायेगी। निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ0 पी0डी0 गुप्ता, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ0 नीलेश के द्वारा कार्यालय का निरीक्षण कराया गया।

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