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वर्ष 2021-22 के लिये 454 करोड़ का परिव्यय जिला योजना की बैठक में सर्वसम्मति से पारित

जनपद प्रभारी मंत्री/वन पर्यावरण एवं जन्तु उद्यान की अध्यक्षता में जिला योजना की वर्चअल बैठक सम्पन्न

मीरजापुर 29 दिसम्बर 2021- प्रदेश के वन एवं पर्यावरण एवं जन्तु उद्यान मंत्री एवं जनपद के प्रभारी मंत्री दारा सिंह चैहान की अध्यक्षता में आज वर्ष 2021-22 की जिला योजना की बैठक वर्चुअल माध्यम से आहूत की गयी। बैठक में केन्द्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के प्रतिनिधि के अलावा सांसद राज्य सभा राम सकल, प्रदेश के ऊर्जा राज्यमंत्री/ विधायक मड़िहान रमाशंकर सिंह पटेल, नगर विधायक रत्नाकर मिश्र, विधायक छानबे राहुल प्रकाश, विधायक मझवा शुचिस्मिता मौर्या, विधायक चुनार अनुराग सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष राजू कनौजिया एवं सभी विधान परिषद सदस्यगण के अलावा जिला योजना समिति के सभी सम्मानित सदस्य, जिला पंचायत सदस्य व अन्य जन प्रतिनिधि वर्चअल माध्यम से मीटिंग से जुड़े रहें। प्रभारी जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी श्रीलक्ष्मी वीएस ने प्रभारी मंत्री सहित सभी सदस्यगणो का स्वागत करते हुये जिला योजना समिति में विभागवार प्रस्तुत आकड़ो के बारे में जानकारी दी। मुख्य विकास अधिकारी ने जानकारी देते हुये बताया कि विगत जिला योजना वर्ष 2020-2021 के अन्तर्गत कुल 45400 लाख के स्वीकृति परिव्यय में से शासन द्वारा अद्यतन रूपया 47243.77 लाख व्यय किये गये है जो अनुमानित परिव्यय के सापेक्ष 104.06 प्रतिशत हैं। उन्होने बताया कि 02 कार्यक्रमो यथा मनरेगा एवं ग्रामीण आवास के अन्तर्गत अनुमोदित परिव्यय से अधिक धनराशि व्यय की गयी है जिसमें से मनरेगा योजनान्तर्गत रूपया 10925.13 लाख के सापेक्ष रूपया 19915.21 लाख तथा ग्रामीण आवास योजनान्तर्गत रूपया 12408.50 लाख के सापेक्ष रूपया 16064.10 लाख की धनराशि व्ययकृति हैं।
मुख्य विकास अधिकारी ने बैठक में सदस्यगणों सेबताया कि जिला योजना वर्ष 2021-22 के अन्तर्गत शासन द्वारा जनपद हेतु रूपया 45400.00 लाख का परिव्यय निर्धारित किया गया हैं। इस परिव्यय के अन्तर्गत जनपद के सम्बन्धित विभागो से प्राप्त प्रस्ताव को समाहित करते हुये विभागवार कार्ययोजना के अनुसार धनराशि का आवंटन किया गया हैं। उन्होने बताया कि कृषि विभाग के अन्तर्गत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (आयल सीड्स/टीबियो) के अन्तर्गत रूपया 35 लाख का परिव्यय प्रस्तावित हैं। जिसके अन्तर्गत किसानो को प्रमाणित बीजोे के 200 कुन्तल का वितरण, 200 हेक्टेयर पर खण्ड प्रदर्शन, 10 बखारी का वितरण, 50 कृषि रक्षा उपकरणो का वितरण, एक हजार लीटर पाइप का वितरण, 20 डीजल पम्पसेट वितरण, एक किसान मेला का आयोजन तथा 12 कृषक प्रशिक्षण कार्य कराये जाने हेतु लक्षित किया गया हैं। इसी प्रकार पशुपालन विभाग के लिये 231 लाख परिव्यय प्रस्तावित हैं जिसमें 700000 गाय-भैंसों का चिकित्सा उपचार 03 पशु चिकित्यालय भवन का निर्माण/मरम्मत, 150000 गाय-भैंसों कृत्रिम गर्भाधान, एकीकृत सुकर विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत 06 नर सुकर का क्रय, 42 नये भेड़ो का क्रय तथा 07 भेड़ एवं ऊन प्रसार केन्द्रों में साज सज्जा एवं आधुनिकीकरण कार्य प्रस्तावित हैं। दुग्ध विकास योजनान्तर्गत 157.76 लाख सहकारिता के लिये 425 लाख, वन विभाग हेतु 1110.76 लाख का परिव्यय प्रस्तावित किया गया है जिसमें सामाजिक वानकी कार्यक्रम के अन्तर्गत 354 हेक्टेयर में वृक्षारोपण, द्वि अनावसीय भवनों पटेहरा कला के ग्राम पंचायत दीनगर में रेंजर कार्यालय तथा टाइप-02 एक अधिकारी आवास का निर्माण, शहरी क्षेत्रो में स्थित मार्गो के किनारे 5500 व्रिक गार्डो का निर्माण, 6000 नये पौधो का उगान का कार्य प्रस्तावित किया गया हैं। इसी प्रकार सामाजिक वानकी योजनान्तर्गत जनपद के ग्रामीण क्षेत्रो में पड़ने वाले वन क्षेत्रो में वृक्षारोपण के अन्तर्गत अनुरक्षण प्रथम एवं द्वितीय वर्ष क्रमशः 398 हेक्टेयर व 55 हेक्टेयर तथा 17 लाख नये पौधो का उगान एवं 1.72 लाख पुराने पौधो का अनुरक्षण कार्य हेतु लक्षित किये गये हैं। ग्राम विकास के विशेष कार्यक्रम एन0आर0एल0एम0 योजनान्तर्गत रूपया 1982.50 लाख परिव्यय प्रस्तावित किया गया है जिसमें समूह गठन के माध्यम से 2457 लाभार्थी समूहो का गठन करते हुये रोजगार उपलब्ध कराने का कार्य प्रस्तावित हैं। मनरेगा योजनान्तर्गत रूपया 10925.13 लाख का परिव्यय प्रस्तावित हैं जिसमें 3261 लाख मानव दिवस सृजित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया हैं। सामुदायिक विकास (ग्राम विकास योजनान्तर्गत) रूपया 63.63 लाख जिसमें सीमान्त कृषकों के उत्पादकता बढ़ाने हेतु 30 नग निशुल्क बोरिंग, 80 मध्यम गहरी बोरिंग, 40 गहरी बोरिंग 15 स्थलों पर ग्राउड वाटर रिर्चारिंग, चेक डैम के कार्य कराये जाने का प्रस्ताव निर्धारित किया गया हैं। राजकीय नलकूप योजनान्तर्गत 743.91 लाख अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत योजनान्तर्गत 7.81 लाख, खाद्यी ग्राम उद्योग योजनान्तर्गत 03 लाख, सड़क एवं पुल हेतु 2511.90 लाख, पर्यावरण शिक्षा जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम योजनान्तर्गत 4.75 लाख, पर्यटन विकास के लिये 450 लाख प्राथमिक शिक्षा के लिये 1140 लाख, माध्यमिक शिक्षा हेतु 1000.27 लाख, प्राविधिक शिक्षा हेतु 15 लाख, युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल के लिये 26.71 लाख, एलोपैथिक चिकित्सा हेतु 801 लाख, होम्योपैथिक चिकित्सा 211.76 लाख, आर्युवेदिक चिकित्सा हेतु 122 लाख, यूनानी चिकित्सा 28 लाख, ग्रामीण स्वच्छता योजान्तर्गत 901.92 लाख परिव्यय प्रस्तावित हैं। जिसमें कुल 7516 शौचालयों के निर्माण कार्य कराये जाने हेतु प्रस्ताव उपलब्ध कराया गया हैं। पूल्ड आवास योजनान्तर्गत 573 लाख परिव्यय निर्धारित जिसमें टाइप-03 के 06 आवास, टाइप-4 के 06 सरकारी आवासों के निर्माण हेतु प्रस्तावित किया गया हैं। प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण योजना के लिये रूपया 12408.50 लाख का परिव्यय निर्धारित हैं जिसमें 9545 पात्र लाभार्थियों को आवास दिये जाने हेतु प्रस्तावित किया गया है। नगर विकास नगरीय पेयजल योजना में 378.21 लाख धनराशि प्रस्तावित हैं जिसके अन्तर्गत नगरीय क्षेत्र में 110 नये हैण्डपम्पों का अधिष्ठापन, 80 नग हैण्डपम्पो का रिबोर, 02 नये नलकूपों का निर्माण तथा 03 नलकूपो के रिबोर कार्य कराया जाना प्रस्तावित हैं। अनुसूचित जाति कल्याण योजनान्तर्गत कुल 1004.73 परिव्यय प्रस्तावित हैं जिसमें कक्षा 09 से 10 तक के कुल 6250 बच्चो को छात्रवृत्ति, 2250 निर्धन व्यक्तियों के पुत्रियों के शादी हेतु अनुदान, अत्याचार से पीड़ित 280 व्यक्तियांे को आर्थिक सहायता तथा 02 राजकी आश्रम पद्धित विद्यालयों की स्थापना/निर्माण/विस्तार कार्य प्रस्तावित हैं। इसी प्रकार पिछड़ी जाति कल्याण योजनान्तर्गत 787.76, अल्पसंख्यक कल्याण के लिये 9.16 लाख समाज कल्याण-सामान्य जाति योजनान्तर्गत रूपया 287.50 लाख निर्धारित किया गया हैं। अनुसूचित जाति कल्याण हेतु 7.25 लाख शिल्पकार प्रशिक्षण के लिये 155 लाख, राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन/किसान पेंशन योजनान्तर्गत 60 वर्ष के आयु ऊपर 92 हजार लाभार्थियो को वृद्धावस्था/किसान पेंशन तथा 1553 लाभार्थियों राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना से आच्छादित किये जाने हेतु 3460 लाख परिव्यय प्रस्तावित हैं। दिव्यांग जन सशक्तिकरण योजनान्तर्गत 879.02 लाख तथा महिला कल्याण हेतु 1641 लाख परिव्यय प्रस्तावित किया गया हैं। बैठक में वित्तीय वर्ष जिला योजना वर्ष 2021-22 के लिये मा0 सदस्यो के द्वारा सर्वसम्मति से कुल रूपया 45400 लाख का परिव्यय पारित किया गया। बैठक में एक मा0 सदस्य के द्वारा नहरो की सफाई के लिये कोई धनराशि अवमुक्त न होने की चर्चा पर मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि सिचाई एवं जल संशाधन, खेलकूद, परिवार कल्याण एवं सेवायोजन विभाग के कार्यक्रमो में कोई परिव्यय जिला योजना में प्रस्तावित नही किया गया। इन विभागो में कार्य कराने के लिये विभागवार रूपया आवंटित किया जाता हैं। जिसके माध्यम से नहरो की सफाई आदि कार्य कराया जाता हैं। बैठक में नहरो की सफाई, धान क्रय केन्द्र, स्वास्थ आदि सम्बन्धित उठाये गये मुद्दो पर मा0 प्रभारी मंत्री ने बैठक में उपस्थित सभी मा0 सदस्यो का आभार व्यक्त करते हुये कहा कि मा0 सदस्यगण कि जो समस्या शिकायते हो उसे लिखित रूप से जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी को उपजलब्ध करा दें उस पर जाॅच कराकर कार्यवाही की जायेगी। उन्होने कहा कि समय अभाव के कारण वर्चुअल माध्यम से बैठक करना पड़ रहा है अगली बार जनपद भ्रमण के दौरान निर्माणाधीन परियोजनाओं एवं विकास योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण भी किया जायेगा। बैठक में जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी कैलाश नाथ, शशिकान्त श्रीवास्तव, नीरव सिंह, परियोजना निदेशक डी0आर0डी0 अनय मिश्रा, अधिशाषी अभियन्ता लोक निर्माण विभाग मिथलेश वर्मा, जिला पंचायत राज अधिकारी अरविन्द कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी शक्ति त्रिपाठी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी गौतम प्रसाद, जिला समाज कल्याण गिरीश दूबे सहित सभी जनपदस्तरीय अधिकारी उपस्थित रहें।

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