पहाड़ो पर संकट, लुट रहा है विरासत -MIRZAPUR

मिर्ज़ापुर सरकारी महकमा कितना सजग है इस बात का आंकलन तब चकित कर गया जब विन्ध्यपर्वत पर सरेआम जेसीबी मशीन द्वारा खनन कार्य कराया जा रहा हो ।जिस क्षेत्र में देवीय सम्पदा का दोहन हो रहा है वो अत्यंत महत्वपूर्ण (शिरोमणि)क्षेत्र है ,जंहा अष्टभुजा देवी स्वयं विराजमान हों ,जिसका सामरिक मानचित्र भी महत्वपूर्ण हो, अष्टभुजा डाकबंगला के बगल में वंहा इस प्रकार से समूचे महत्व को धता बताते हुए ट्रेक्टर व् जेसीबी का प्रयोग सिर्फ आध्यात्म क्षेत्र का सर्वनाश तक ही सीमित नही है, अपितु तमाम सरकारी महकमे की पोल खोलने के लिए पर्याप्त बताया जा रहा है |।यह उदगार प्रकृति प्रेमी व् व्यापारी नेता विनय उमर का है ।उनका कहना है कि जनपद स्तर से सरकारी तंत्र पूरी तरह से फेल दिख रहा है। वन विभाग के क्षेत्रीय दरोगा , खनिज विभाग के क्षेत्रीय इंस्पेक्टर रामसुरेश ,विंध्याचल थाना क्षेत्र के तमाम तैनात L I U, C B C I D तमाम अन्य गुप्त महकमा मौन क्यों है ।विभागीय कार्यक्षेत्र में लापरवाही का अंजाम जनपद के आने वाली पीढ़ी व् वर्तमान लोग भुगतेंगे । क्योंकि लाखों वर्ष लगता है ऐसे विहंगम दृश्य बनने में परन्तु चन्द रुपयों की खातिर नैसर्गिक वातावरण को खत्म करने की साजिश रचने व् करने वाले व् उसको तबाही के अंजाम तक पहुँचाने वाले के खिलाफ कोई वैधानिक कार्यवाही तक नहीं हो पाती | इससे आंकलन लगाया जा सकता है ,की जनपद का सरकारी महक़मा कितना सजग व् संवेदनशील है । यह वह क्षेत्र है जंहा लाखों लोग पर्यटन व् दर्शन के लिए आते है ।इस जगह पर तमाम प्राचीन मान्यताएं है ।तमाम जड़ी बूटी के अलावा (सिद्ध क्षेत्र ) होने के नाते इस पर्वत पर जेसीबी से खनन सिर्फ पत्थर व् मिट्टी का दोहन नही है अपितु समस्त संस्कृति विरासत व् आध्यात्म का दोहन है ,जिसे कभी माफ़ नहीं किया जा सकता ।

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