गेरुआ तालाब पर कैंप का आयोजन किया गया है– पीडब्ल्यूडी

विंध्याचल में इस वक्त देश के चारों तरफ से तमाम दर्शनार्थी वह पर्यटक के आने का सिलसिला जारी है क्योंकि जनपद मिर्जापुर विंध्यवासिनी धाम के लोग अपने शहर में आए मेहमानों का मेहमान नवाजी करना बेहतर जानते हैं उसी के परिपेक्ष में विंध्याचल काली खोह , अष्टभुजी देवी के रास्ते में तमाम स्वयंसेवी संगठन वह सामाजिक संस्थाओं के द्वारा आए हुए दर्शनार्थियों के लिए जल प्रसाद का उम्दा व्यवस्था पीडब्ल्यूडी विभाग के बैनर तले भी किया गया है | जिसका उद्देश्य है कि, दूर दराज से आए दर्शनार्थियों को इस ग्रीष्मकाल में जल जलपान की कमी ना हो, इस शिविर के माध्यम से, आए हुए दर्शनार्थियों का मार्गदर्शन करने के साथ-साथ जल जलपान की उचित प्रबंध करना इस बैनर का विगत कई वर्षों से एक प्रयास रहा है निरंतर दर्शनार्थियों की सेवा करना इस बैनर का लक्ष्य रहा है उसी के परिपेक्ष में चैत्र नवरात्रि में यह कार्यक्रम रखा गया है जिसमें बढ़चढ़कर पीडब्ल्यूडी के कर्मचारी ठेकेदार व अन्य चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के सहयोग से यह कार्यक्रम रखा जाता है |जिसमें निशुल्क जल प्रसाद फलाहार व बताशा, गिलास आदी का समय समय पर वितरण किया जाता है |इसी तरीके से और अन्य संस्थाओं के द्वारा जैसे अमर सिंह फेंस एसोसिएशन के द्वारा मोतिया झील क्षेत्र में विशाल भंडारे का आयोजन होता है जिसमें दूर दराज से आए हुए दर्शनार्थी प्रसाद ग्रहण करके अपने आपको धन्य समझते है | इसी तरीके से PWD विभाग के द्वारा गेरुआ तालाब पर यह कैंप का आयोजन किया गया है ,जो संपूर्ण नवरात्रि दिवस पर लोगों की सेवा करने के उद्देश्य अनवरत कार्यरत रहेगा | वही तमाम दर्शनार्थियों से बातचीत करने पर पता चला कि जो सबसे ज्यादा दिक्कत यदि किसी को महसूस हो रही है तो बाहर से आने वाले दर्शनार्थियों को, क्योकी उनको मंदिर की दूरी कौन सा रास्ता कहां जाता है इसका जगह-जगह पर बोर्ड यदि लगा होता तो लोगों को हर किसी से पूछने की जरूरत कम से कम पड़ती कुछ दर्शनार्थियों ने यह मांग किया है कि प्रशासन को चाहिए कि हर मोड़ पर एक बोर्ड लगा होना चाहिए कि यह रास्ता कहां जाएगा और यहां से काली खोह की दूरी विंध्याचल की दूरी व अष्टभुजा देवी की दूरी कितनी है इसकी कमी दर्शनार्थियों के द्वारा महसूस की जा रही है|

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