किसानों की उत्पादन क्षमता बढाने के लिए कार्य योजना बनाने का निर्देश–जिलाधिकारी विमल कुमार दूबे

दिनांक 28 अप्रैल, 2017
मीरजापुर-आयुक्त विन्ध्याचल मण्डल रंजन कुमार की अध्यक्षता में आयुक्त कार्यालय के सभागार में मण्डलीय उद्योग बन्धु की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक को संबोधित करते हुए आयुक्त ने उद्योग विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे मण्डल में औद्योगिक वातावरण बनाने का हर संभव प्रयास करें। उन्होंने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाये कि उद्योग विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ पात्र उद्यमियो नियमानुसार अवश्य मिले। उन्होंने कहा कि इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नही की जायेगी तथा दोषी अधिकारियो/कर्मचारियो के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने सभी एल0डी0एम को निर्देशित किया कि वे यह सुनिश्चित करें कि बैकों से उद्यमियो को किसी प्रकार की परेशानी न हो तथा बैकों से उद्यमियो को नियमानुसार हर सम्भव सहायता मिले। इस कार्य में किसी प्रकार की शिथिलता क्षम्य नही होगी। उन्होने अधीक्षण अभियन्ता विद्युत को निर्देशित किया कि वे उद्योग को बढ़ावा व उसकी स्थापना हेतु जहाॅ पर भी विद्युत की आपूर्ति की जानी है वहां पर विद्युत व्यवस्था चुस्त दुरूस्त बनाया जाये, जिससे उद्यमियों को विद्युत की आपूर्ति अधिक से अधिक अवधि तक दिया जाये। उन्होने एल0डी0एम0 को निर्देशित किया कि वे बैंको के प्रबन्धकों को निर्देशित करे कि उद्यमियांे को नियमानुसार मिलने वाली ऋृण आदि सुविधाएं निर्धारित समय में दिलाया जाना सुनिश्चित करें।
आयुक्त ने उद्यमियों की माॅग पर सोसाइटी आॅफ रजिस्ट्रेशन का कार्यलय मीरजापुर में भी खोलने के लिए संबंधित विभाग के मुख्यालय को जिलाधिकारी अपने स्तर से पत्र भिजवाये। उन्होने कहा कि जिला उद्योग केन्द्र में प्रत्येक शुक्रवार को आयोजित होने वाले समाधान दिवस को प्रभावी बनाया जाये तथा अधिकारियों को निर्देशित किया जाये कि समाधान दिवस में उपस्थित रहे। उन्होने कहा कि पीतल उद्योग को बढावा देने के उददेश्य से नये उद्यमियों को आये लाया जाये तथा उद्योग लगाने के लिए उनका भरपूर सहयोग प्रदान किया जाये। बैठक मुख्य मंत्री स्वरोजगार योजना पर चर्चा करते हुए कहा कि जिला अग्रणी जिला प्रबन्धक मीरजापुर एवं सोनभद्र मीरजापुर एवं भदोही प्रत्येक दशा में युद्ध स्तर पर अभियान चलाकर योजनान्तर्गत वित्तीय लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति करे। उघु एवं मध्यम उद्योगो की स्थापना के लिए आवदन पत्रों को आनलाइन भरने के सम्बन्ध में उद्यमियों का वर्कशाप आयोजित कर जानकारी दी जाये।
जिलाधिकारी मिर्जापुर विमल कुमार दूबे, संयुक्त विकास आयुक्त उद्योग, एल0डी0एम मीरजापुर, उप निदेशक सूचना के अलावा अन्य संबंधित अधिकारी व उद्यमी उपस्थित रहे।
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किसानों की उत्पादन क्षमता बढाने के लिए कार्य योजना बनाने का निर्देश
दिनांक 28 अप्रैल, 2017
मीरजापुर- जिलाधिकारी विमल कुमार दूबे ने कलेक्ट्रेट सभागार में कृषकों से संबंधित विभिन्न विभागों व बैज्ञानिकों के साथ बैठक कर किसानों की उत्पादन क्षमता बढाने तथा उनकी आय वृद्धि के लिए कार्य योजना बनाने का निर्देश अधिकारियों को दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद मीरजापुर कार भौगोलिक परिवेश अलग-अलग स्थानों पर भिन्न-भिन्न है। उन्होने कहा कि किस तहसील/विकास खण्ड में कौन सी फसल बोया जाये कि उनकी आय वृद्धि बढाया जा सके, इसके लिए उप निदेशक कृषि, जिला उद्यान अधिकारी एवं एआर कापरेटिव,कृषि बैज्ञानिकों के साथ समन्वय स्थापित कर क्षेत्र में भ्रमण करें तथा जमीन के उर्वरा शक्ति के अनुसार कार्य योजना प्रस्तुत करे।
लखनऊ से आये कृषि बैज्ञानिक/ नेशनल मास्टर ट्रेनर (जैविक) श्री डीएम सिंह ने कहा कि जब तक मिर्जापुर की गंगा के किनारे तथा पहाडी क्षेत्रों मे मृदा परीक्षण के अनुसार कई फसलों व सब्जियों तथा आयुर्वेदिक में उपयोग किये जाने वाले विभिन्न फसलों को उत्पादन के लिए बोया जा सकता है। उन्होने कहा कि जो हम लोग विदेशों में जाकर कार्य कर रहे है तथा लोगो को जानकारी दे रहे है उस काम को भारत के विभिन्न स्थानों पर अपार क्षमता के बावजूद भी लोगो की इच्छा शाक्ति जागृत न होने के कारण नही कर पा रहे है। उन्होने बताया कि मीरजापुर के विभिन्न स्थानों पर खस तथा कुश का उत्पादन कर जहाॅ गंगा की कटान को रोका जा सकता है वही इन फसलों का मार्केटिंक कर अपनी आमदनी को बढा सकता है जबकि इसमें बहुत मेहनत व खर्चे की आवश्यकता भी नही है। लखनऊ से ही आये बैज्ञानिक डा0 ज्ञानेश्वर सिंह ने बताया कि मीरजापुर की जमीन पर एलोबेरा,सुगन्धा, सलावर, सर्पगन्धा,ब्राम्ही,संखपुष्पी, पुनरनवा, पमारोजा, सिखटोनाइला, सतावर तथा लेमनग्रास आदि की खेती करके आयुर्वेदी कंपनी को बेचकर किसान अपनी आमदनी को बढा सकता है। उन्होने बताया कि 10-10 किसानों का फार्मर प्रोडेक्शन आर्गनाइजेशन(एफपीओ) का रजिस्ट्रेशन कराकर नाबार्ड से उपरोक्त फसलों के खेती की लिए आर्थिक सहयोग लिया जा सकता है। उन्होने नाबार्ड द्वारा सहयोग प्रदान करने तथा उसके फाइनेस के बारे में जानकारी दी। उन्होन कहा कि उपरोक्त फसले आयुर्वेदीक दवाइया बनाने के काम आती जो आयुर्वेदिक कम्पनियों के सम्पर्क करने पर वे स्वयं आकर क्रय कर लेगी जिससे किसान की आमदनी बढ सकती है।
जिलाधिकारी ने उप निदेशक कृषि, एआर कोपरेटिव तथा उद्यान अधिकारी से कहा कि न्याय पंचायत स्तर पर समितियों पर किसानों की बैठक कर फार्मर प्रोडेक्शन आर्गनाइजेशन(एफपीओ) के बारे में विस्तृत जानकारी दे तथा समूह का गठन कराये तथा किसानों को उपरोक्त फसल किस क्षेत्र में कौन सा फसल लगाया जा सकता है जानकारी देकर उन्हे प्रेरित करे।
बैठक में उप जिलाधिकारी चुनार,उप निदेशक कृषि, जिला उद्यान अधिकारी, एआर, कापरेटिव ,जिला विकास अधिकारी,पीडी, कृषि बैज्ञानिक बरकछा बीएचयू0 सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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