मुकदमा कायम नहीं होता तो थाना प्रभारी के साथ सेल्फी ले ले-पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी

मिर्जापुर पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी का प्रयास है की पुलिस की सुविधा पूरी गुणवत्ता के साथ आम जनमानस को उपलब्ध हो सके| प्रायः देखने को मिलता है प्रमुख व्यक्ति या पीड़ित व्यक्ति थाने पर जाता है और उसकी सुनवाई नहीं हो पाती मिर्जापुर के पुलिस कप्तान ने इस मामले को बड़ी गंभीरता से लेते हुए एक बेहतरीन तरीका खोज निकाला है जिसमें यदि कोई पीड़ित पक्ष थाने पर गया और थानेदार नहीं मिले या थानेदार से मिलने के बाद भी उस घटना पर हिला हवाली की गई मुकदमा पंजीकृत करने से कोई भी पुलिस कर्मचारी लेट करता है या मामला टालने की स्थिति बनाता है तो ऐसी स्थिति में फरियादियों को घबराने की जरूरत नहीं है पुलिस कप्तान ने समस्त जनता से अपील किया है कि यदि आप संबंधित थाने में जाते हैं और आपकी सुनवाई नहीं होती आपका दिया मुकदमा कायम नहीं होता तो आप एक सेल्फी ले ले | वह सेल्फी चाहे थाना प्रभारी के साथ का हो या थाने के बोर्ड के पास खड़े होकर भी थाने के कार्यालय के पास भी रहकर आप एक सेल्फी ले सकते हैं जो इस बात का पुख्ता प्रमाण होगा कि आप थाने पर गए थे और आप की सुनवाई नहीं हो पाई | इस निर्णय को सेल्फी विद थाना का नाम दिया गया है |इस निर्णय के बाद अब कोई भी मामला थाना लेवल से संबंधित मामला लंबित होने की संभावना कम हो गई है | यदि पीड़ित पक्ष थाने पर सेल्फी लेकर पुलिस कप्तान से मिला तो फिर संबंधित थाने की खैर नहीं ,इसलिए अपने सख्त आदेश को पुनः दोहराते हुए कप्तान आशीष तिवारी ने भरोसा जताया है की पुलिस पब्लिक की सहायता के लिए है और हर वक्त हर स्तर पर पब्लिक के साथ है, लिहाजा कोई भी पीड़ित बिना किसी मीडिएटर के थाने में जाए और यदि सुनवाई में आनाकानी होती है तो तत्काल हमसे संपर्क करें और कार्य के प्रति लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा |इसी तरीके से जमीन के मामले में भी ज्यादा पारदर्शिता लाने के लिए एक बहुत ही नया तरीका आशीष तिवारी के द्वारा लाया गया है जिसके तहत यदी जमीन के विवाद में दोनों पक्ष थाने पर आते हैं तो मौके की स्थिति का तत्काल फोटोग्राफी कराया जाएगा फोटोग्राफी के पश्चात कोई भी पक्ष उसमें कोई भी निर्माण या कोई भी बदलाव का हकदार तभी होगा जब संबंधित न्यायालय का उस पर आदेश पारित होगा, अन्यथा यथास्थिति बनाए रखने के लिए उभय पक्ष को मजबूर किया जाएगा | पुलिस के पास एक आकलन के मुताबिक लगभग 80 परसेंट मामला जमीन संबंधी आता है और जमीन विवाद में प्राय पुलिस के ऊपर आरोप लगते रहे तत्काल मौके की फोटोग्राफी कराते वस्तुस्थिति पर दोनों पक्षों का हस्ताक्छर कराया जाएगा |

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