मड़िहान-
नवोदय मामला-उपप्राचार्य समेत पांच नामजद
एक फरवरी को सैकड़ो छात्र छात्रा हुए थे वीमार
खाद्य पदार्थ की जाँच में मिला अधोमानक सरसो तेल
दही सप्लायर के ऊपर थोपा जा रहा था पूरा दोष
जवाहरनवोदय विद्यालय पटेहरा में एक फरवरी वसंत पंचमी के अवसर पर सरस्वती पूजन के बाद सुबह प्रसाद व रात में दूषित भोजन खाने से देर रात सैकड़ो छात्र छात्राएं बीमार हो गए थे।मामला प्रकाश में आते ही विद्यालय प्रशासन में अफरा तफरी मच गयी।जिलाधिकारी के निर्देश पर लापरवाही वरतने के आरोप में जवाहरनवोदयविद्यालय पटेहरा के प्राचार्य मिस्टर चन्द्रबली ने मड़िहान थाने में अज्ञात के खिलाफ मामला पंजीकृत कराया था।फूड अधिकारी राजवंश श्रीवास्तव द्वारा दही व अन्य खाद्यसामग्री का नमूना लिया गया।तीन माह बाद आया जाँचरिपोर्ट में सरसो तेल असुरक्षित होना पाया गया।वही दही व मसाला में अधोमानक मिला।
उच्चअधिकारीयों के आदेश पर दोषी उपप्राचार्य चन्दनवागिस,फूड इंचार्ज राजनाथ सिंह,खानपान सहायक राकेस कुमार सिंह,भौतिक सत्यापन सदस्य वेदप्रकाश सिंह तथा एमओडी जयनंदन सिंह के खिलाफ पुलिस ने अभियोग तब्दील कर विबेचना शुरू कर दिया है।इसके पूर्व दो कर्मचारी इसी आरोप में निलंबित किये जा चुके हैं।
एक फरवरी को भारत व इग्लैंड के बीच ट्वेंटी ट्वेंटी का अंतिम निर्णायक रोमांचक मैच देखने के बाद भोजन करने आये छात्रो ने देर से खाना खाया था।बताया जाता है कि बाद में खाने वाले छात्रो को वासी भोजन खिला दिया गया था।खाना खाने के कुछ देर बाद पेट में दर्द होने लगा।विद्यालय प्रशासन पहले तो कुछ समझ नहीं पाया।कुछ देर तक विद्यालय परिसर में ही रोके रखा गया कि किसी को जानकारी न हो।चिंताजनक हालत गंभीर होने पर इलाज के लिए 89 छात्रो को मड़िहान सीएचसी में भर्ती कराया गया था।इलाहबाद वाराणसी व कुछ अपने घर पर इलाज कराया। मामला गंभीर होने पर प्रकाश में आया।संज्ञान में आते ही अधिकारी अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जाँच का आदेश दिए थे।फूडप्वाईजनिंग से सैकड़ों छात्र बीमार हो गये थे।
विवेचक चौकीइंचार्ज पटेहरा शेषनाथ पाल ने बताया की ऐसे मामलो में 6वर्ष की सजा का प्रावधान है।