दिनांकः 03 जून, 2017
मीरजापुर- प्रदेश के मुख्य मंत्री योगी आदित्य नाथ आज जनपद भ्रमण के दौरान आयुक्त सभागार में मण्डलीय अधिकारियों के साथ कानून व्यवस्था एवं विकास कार्यो की समीक्षा की। समीक्षा में अधिकारियों को संबोधित करते हुए मा0 मुख्य मंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में कानून का राज हो, भ्रष्टाचार मुक्त, अपराध मुक्त, पारदर्शी व संवेदनशील व्यवस्था मुहैंया कराना अधिकारी सुनिश्चित कराये। इसके लिए अपराधियों/असामाजिक तत्वों व माफिआयों को चिन्हित कर कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाये। किसी के द्वारा कानून के साथ खेलवाड़ करने का मौका न दिया जाये। उन्होने कहा कि किसी भी स्तर का माफिया व अपराधी हो उस पर कार्यवाही करने में अधिकारी जरा सा भी संकोच न करें, इसके लिए सरकार पूरी तरह अधिकारियों के साथ है। उन्होने कहा कि पशु तस्करी, अवैध खनन, जंगलों में अवैध कटान को रोकने के लिए अधिकारी अपराधियों पर निगरानी रखें तथा किसी प्रकार की छुट इन्हे न देकर कार्यवाही करें। पुलिस की पेट्रोलिंग, पैदल गस्त व डायल 100 को प्रभावी बनाया जाये, किसी भी घटना की सूचना मिलने पर डायल 100 को तत्काल मौंके पर भेजकर पीड़ित को प्रथम दृष्टया सहायता मुहैंया कराये, तत्पश्चात जाॅच कर दोषी व्यक्ति पर नियमानुसार कार्यवाही करें। गण्ड़ा टैक्स की वसूली तथा हाइवे पर वाहन स्टैण्ड़ के नाम पर शिकायते मिल रही हैं, ऐसे लोगों पर अवैध वसूली रोकने के लिए कड़ी कार्यवाही की जानी चाहिएं। उन्होने कहा कि यदि कोई पुलिस कर्मी/अधिकारी अपराधिक गतिविधियों व अपराधियों के साथ संलिप्त पाया जाता है तो ऐसे अधिकारियों/पुलिस कर्मियों को चिन्हित कर उनकी सेवा समाप्ति करते हुए जेल भेजने की कार्यवाही की जाये।
मा0 मुख्य मंत्री जी ने कहा कि थाना दिवस तथा तहसील दिवस को प्रभावी बनाया जाये तथा थाना दिवस में आने वाले फरियादियों के बैठने व उनके पेयजल की भी व्यवस्था की जाये। उनके समस्याओं का निस्तारण मौंके पर टीम भेजकर यथा संभव उसी दिन करने का प्रयास किया जाये ताकि फरियादी को न्याय मिल सके। उन्होने कहा कि एन्टीरोमियों टीम को सक्रिय करते हुए स्कूल/कालेज, प्रमुख चैराहों आदि स्थानों पर सादे ड्रेस में पुलिस कर्मी तैनात किये जाये तथा चेड़खानी करने वालों को चिन्हित करते हुए उचित कार्यवाही की जाये। उन्होने यह भी स्पष्ट करते हुए कहा कि यदि कोई बालक बालिका साथ में कहीं जा रहे हो या पार्क में बैंठे हो वे भाई बहन या आपस में मित्र भी हो सकते है, ऐसे लोगों को अनावश्यक परेशान न किया जाये। मुख्य मंत्री ने कहा कि सरकारी सार्वजनिक भूमि, तालाब,पार्क आदि पर अवैध कब्जा करने वालों को चिन्हित कर कार्यवाही करते हुए अवैध कब्जे को सख्ती के साथ खाली कराया जाये। नक्सली गतिविधियों पर सतर्कता बरती जाये तथा नक्सल प्रभावित गाॅव/क्षेत्रों में विकास की बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराया जाये।
मुख्य मंत्री योगी ने तहसील दिवस को सम्पूर्ण समाधान दिवस बनाने पर बल देते हुए कहा कि तहसील दिवस में आने वाले फरियादियों के शिकायतों का उसी दिन निस्तारण करते हुए तहसील दिवस को सम्पूर्ण समाधान दिवस बनाया जाये। उन्होने कहा कि तहसील दिवस पर जाति प्रमाण पत्र, आय, निवास, दिव्यांग, चरित्र प्रमाण पत्र सहित वृद्धावस्था, दिव्यांग, विधवा पेंशन, तहसील दिवस के दि नही यथा संभव नियमानुसार पात्र व्यक्ति को स्वीकृत कर दिया जाये ताकि उसे बार-बार तहसील का चक्कर न लगाना पड़े। उन्होने कहा कि तहसील दिवस में जन समस्याओं को त्वरित निस्तारण हेतु जनप्रतिनिधि भी तहसील दिवस में उपस्थित होकर अपनी सहभागीता सुनिश्चित करें। अधिकारी अपने कार्यालयों में प्रातः 9.00 बजे से 11.00 बजे तक बैठकर जन समस्याओं को सुने तथा उसका निराकरण कराये। अधिकारी अपना मोबाइल फोन स्वयं रिसिब करें।
मुख्य मंत्री जनपद भ्रमण के दौरान नगर व विन्ध्याचल धाम व उसके सड़कों की साफ-सफाई पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए उप निदेशक पंचायत तथा अधिशासी अधिकारी नगर पालिका को निर्देशित करते हुए कहा कि नगर की सफाई और करायी जाये। उन्होने सभी अधिकारियों से कहा कि अभी यह पहला भ्रमण है, मण्डल स्तर पर समीक्षा के दौरान जो निर्देश दिये जा रहे है उसका शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाये, आगे से जनपद स्तरीय समीक्षा की जायेगी गड़बड़ी मिलने पर कार्यवाही की जायेगी।
मुख्य मंत्री 31 बिन्दु प्राथमिकता वाले विकास कार्यो की समीक्षा करते हुए तीनों जिलों के जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि पीएमजीएसवाई के समस्त सड़को की जाॅच कराये तथा सड़कों की गुणवत्ता खराब पाये जाने पर दोषी के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित करें। इसीप्रकार राजकीय निर्माण निगम की कार्यो की जाॅच कराते हुए रिपोर्ट शासन को प्रेषित करें। उन्होने कहा कि केन्द्रिय योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर धरातल पर लागू कराये तथा जिला स्वास्थ्य समिति तथा मण्डलीय/जिला उद्योग बन्धु की बैठक को नियमानुसार समय से कराये तथा उद्यमियों को अधिक से अधिक सहायता उपलब्ध कराये। उन्होने कहा कि स्वच्छ शौचालयों के निर्माण को अभियान चलाकर गुणवत्तापरक बनाते हुए 31 दिसम्बर तक जनपद को ओडीएफ घोषित कराये। उन्होने कहा कि इस कार्य में जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग ले। शिक्षा व्यवस्था चुस्त दुरूस्त बनाने पर बल देते हुए कहा कि अध्यापकों की तैनाती छात्रे के अनुपात/संख्या के आधार पर शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्र में की जाये। उन्होने यह भी कहा कि जुलाई के प्रथम सप्ताह में ही छात्र-छात्राओं को दिये जाने वाले ड्रेस, किताब, बैग आदि प्रत्येक दशा में उपलब्ध करा दिया जाये। यदि किसी अध्यापक के स्थान पर कोइ दूसरा व्यक्ति पढ़ाते हुए पाया जाता है तो उसके विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जाये। पेयजल व्यवस्था पर कहा कि हैण्डपम्पों तथा राजकीय नलकूपों को प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत/रिबोर समय से कराये। स्वास्थ्य सुविधाओं के जानकारी के दौरान अस्पतालों की साफ-सफाई पर बल देते हुए कहा कि मरीजों को औषधि तथा अन्य सुविधाएं निःशुल्क मुहैंया करायी जाये, यह भी कहा कि यदि कोई दवा अस्पताल में उपलब्ध न हो तो अस्पताल तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रो पर जन औषधि केन्द्र खोला जाये ताकि मरीजों को सस्ती दवाइया उपलब्ध करायी जा सके। समीक्षा के दौरान विद्युत लाइनों को दुरूस्त करने तथा निर्धारित रोस्टर के अनुसार विद्युत उपलब्ध कराना, गेहूॅ क्रय केन्द्र, सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जाना, इन्द धनुष का क्रियानव्यन जल संचय, नमामि गंगे योजना, प्रधान मंत्री कृषि सिचाई योजना, आदर्श ग्राम योजना, बाढ़ से निपटने के तैयारी,आदि विषयो पर विन्दुवार समीक्षा की गयी तथा विकास कार्यो का समय से लागू करने का निर्देश दिया गया।

बैठक में मंत्री स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अनुप्रिया पटेल, सांसद भदोही बीरेन्द्र सिंह मस्त, सांसद सोनभ्रद, तीनो जनपद के विधान सभा क्षेत्रों के मा0 विधायकगण,एमएलसी, मण्डलायुक्त एमएम लाल, आई जी वाराणसी जोन, डीआईजी, जिलाधिकारी मीरजापुर बिमल कुमार दूबे एवं डीएम सोनभद्र व भदोही, पुलिस अधीक्षक मीरजापुर, सोनभद्र, भदोही सहित तीनो जिले के मुख्य विकास अधिकारी व मण्डलीय अधिकारी उपस्थित रहे।