बाढ़ से निपटने के लिए संबंधित अधिकारी सभी तैयारियॉ पूर्ण कर ले- जिलाधिकारी बिमल कुमार दूबे

मीरजापुर,जिलाधिकारी बिमल कुमार दूबे के निर्देश के क्रम में मुख्य विकास अधिकारी प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में बाढ़ से बचाव से सम्बंधित बैठक आहूत की गयी। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी विजय बहादुर के आज कलेक्ट्रेट सभागार में फ्ल्ड स्टेयरिंग गु्रप कमेटी के अधिकारियों से कहा कि आगामी संभावित बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में वृहद तैयारी का निर्देश दिया। अपर जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारी सदर व चुनार को निर्देशित करते हुये कहा कि नगर क्षेत्र के नालो को चिन्हित कर सबकी साफ-सफाई ई0ओ0 नगर पालिका से समन्वय स्थापित कर कराना सुनिश्चित करायें। उन्होंने बताया कि तहसील स्तर बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित कर शिफ््टवार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाये तथा उन कर्मचारियों का नाम व मोबाइल नम्बर तथा नियंत्रण कक्ष का नम्बर जिला मुख्यालय को उपलब्ध करायें। इसी प्रकार सिंचाई विभाग नियंत्रण कक्ष स्थापित करें। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि कलेक्ट्रेट में स्थापित बाढ़ नियंत्रण कक्ष का नम्बर 05442-252480 है। अधिशासी अभियन्ता सिंचाई ने बताया कि फतहॉं स्थित सिचंाई विभाग कार्यालय में जिला बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित कर दिया गया है जिसका दूरभाष नम्बर 05442-252589 है। उन्होंने बताया कि बाढ़ नियंत्रण कक्ष पर एक जूनियर इंजीनियर, एक तार बाबू, एक लिपिक तथा दो चपरासी, दो धावक तीन शिफ््टों 24 घंटे की ड्यूटी लगाई गयी है, जो आगामी 31 अक्टूबर 2017 तक अनवरत चलता रहेगा।
अपर जिलाधिकारी ने कहा कि गंगा नदी के पानी का लेबर प्रतिदिन, खतरे का लेबिल पानी का घटना, बढना,एस0एम0एस0 के माध्यम से प्रत्येक दिन जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, पुलिस अधीक्षक, अपर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी सदर/चुनार एवं अपर मुख्य अधिकारी को अवगत कराया जाये। बाढ़ नियंत्रण कक्ष में एक रजिस्टर रहेगा जो प्रतिदिन पानी के स्तर को दर्ज किया जायेगा। कन्ट्रोल रूम के माध्यम से फ््लड की चेतावनी आदि की सूचना दी जायेगी। उन्होंने जनपद के 12 विकास खण्डों में से विकास खण्ड सिटी, कोन, छानवे, मझंवा, सीखढ, नरायनपुर बाढ़ से प्रभावित होते हैं। उक्त विकास खण्डों में सम्बंधित खण्ड विकास अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में बाढ केन्द्रों पर प्रभारी होगें। उन्होंने बताया कि जनपद में कुल 37 बाढ़ चौकियों की स्थापना की जायेगी। इस बाढ़ चौकियो पर ग्राम स्तरीय अधिकारियों की ड्यूटी लगायी जायेगी। उन्होंने विभागों से कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से जल निकासी की प्रबन्ध पहले से बना लें ताकि समय रहते पानी की निकासी की जा सके। इसी प्रकार स्वच्छ पीने के लिये पानी की उपलब्धता भी सुनिश्चित कराया जाये। उन्होंने जिलापूर्ति अधिकारी व सम्बंधित उप जिलाधिकारी से कहा कि पूर्व में ही बाढ़ राहत सामग्रियों यथा- खाद्यान, आटा, चावल, गुड, चना, नमक, सलाई, मोमबत्ती, मिट्टी का तेल, डीजल, इत्यादि की व्यव्सथा सुनिश्चित करा लें। अपर मुख्य अधिकारी नावों की व्यवस्था तथा नाविकों का दूरभाष नम्बर तथा आवश्यकतानुसार नावों पर महाजाल आदि व्यवस्था सुनिश्चित करायें। उन्होंने लोक निर्माण विभाग, जलनिगम, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी भी अपने-अपने विभाग से सम्बंधित कार्ययोजना बनाकर आवश्यक सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करा लें। उन्होंने कहा कि पशुओ का टीकाकरण अभी लगाना प्रारम्भ कर दें। चिकित्सा एवं विद्युत व्यवस्था अधिकारी बनाये रखेने के लिये व्यवस्था करा लें। अतिरिक्त ट्रासफार्मरों ंका व्यवस्था अवश्य करा ली जाये। एम्बेलुन्स चिकित्सको एवं आवश्यक दवाइयों की उपलब्ध मुख्य चिकित्साधिकारी पहले से आपूर्ति कर उपलब्धता बनाये रखें। इस अवसर पर अधिशासी अभियन्ता सिंचाई, बिजली, सहित सभी सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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