5अगस्त को दिल्ली मे आयोजित है जीएसटी काउन्सिल मिटिंग- असिस्टेंट कमिश्नर आईआरएस राहुल तिरसे

जीएसटी: मिर्जापुर सोनभद्र के 20 हजार ट्रेडर्स का सेन्ट्रल व स्टेट मे होगा बंटवारा-

ब्यूरो, मिर्जापुर। जीएसटी आने के पूर्व की अपेक्षा ट्रेडर्स द्वारा भरे जाने वाले सर्विस टैक्स के तौर तरीके मे काफी बदलाव हो जाएगा। मिर्जापुर और सोनभद्र जनपद के 20 हजार से अधिक ट्रेडर्स का बंटवारा अब सेन्ट्रल एवं स्टेट के अधीन किया जाएगा। रेनुकूट के 35 सौ कारोबारी भरते है सर्विस टैक्स | जीएसटी के संबंध मे ही 5 अगस्त को दिल्ली मे जीएसटी काउन्सिल की विशेष बैठक भी बुलाई गई है। सेन्ट्रल जीएसटी डिविजन मिर्जापुर सोनभद्र के असिस्टेंट कमिश्नर आईआरएस राहुल तिरसे ने बताया कि जीएसटी के तहत पूरे देश मे जो व्यवस्था बनाई गई है इसके तत्काल अब ऐसे कारोबारी जिनका टर्न ओवर डेढ करोड़ से कम है उनमे से 90 प्रतिशत कारोबारी स्टेट के अधीन हो जाएगे और 10 प्रतिशत कारोबारी सेन्ट्रल के अधीन रखे जाएँगे। जिन कारोबारियो का टर्न ओवर डेढ करोड़ से अधिक है उनमे से 50 प्रतिशत कारोबारी स्टेट के अधीन हो जाएगे और 50 प्रतिशत कारोबारी सेन्ट्रल के अधीन रखे जाएँगे। असिस्टेंट कमिश्नर आईआरएस श्री तिरसे ने बताया कि कारोबारियो का यह एलाटमेन्ट आनलाइन ही हो जाएगा। जीएसटी काउन्सिल मिटिंग मे एलाटमेन्ट के संबंध मे निर्णय और ट्रेडर्स व कारोबारियो के एलाटमेन्ट के बाद कारोबारी एलाटेड सेन्ट्रल अथवा स्टेट के पास अपनी जीएसटी प्रक्रिया पूरी करेगे।
कार्पेट एक्सपोर्टर्स को नये प्रारूप के साथ जारी हो रहे एलयूटी बांड्स-
असिस्टेंट कमिश्नर आईआरएस राहुल तिरसे ने बताया कि जनपद मिर्जापुर मे कार्पेट का एक्सपोर्ट विदेशी मेहमान होता है। इसके लिए यदि एक करोड़ के ऊपर का कार्पेट हो तो एलयूटी और एक करोड़ से नीचे के लिए बॉण्ड शीघ्रता से जारी किये जा रहे है ताकि एक्सपोर्ट मे एक्सपोर्टर्स को किसी प्रकार की कोई समस्या न हो। हालाकि एलयूटी आर बॉण्ड के जीएसटी के तंत्र आये प्रारूप मे काफी परिवर्तन किये गये है। फिर भी परिवर्तित फार्म की बारीकियो का अध्ययन करते हुए एलयूटी आर्थिक बांड जारी किया जा रहा है।
हेल्पडेस्क बनाया,खुद भी कर रहे करदाताओ का समाधान–
असिस्टेंट कमिश्नर आईआरएस राहुल तिरसे ने बताया कि जीएसटी की बारीकियो से व्यापारियो एवं करदाताओ को अवगत कराने के साथ ही उन्हे पूरी तरह से प्रशिक्षित करने के लिए शहर के नटवा स्थित केन्द्रीय उत्पाद शुल्क कार्यालय पर हेल्पडेस्क बना दिया गया है। यहा विगत एक पखवाड़े से सैकड़ो करदाता जीएसटी की बारीकियो से अवगत हो रहे है। उन्होंने अपील किया है कि किसी को जीएसटी के संबंध मे कोई दिक्कत हो तो वे उनके आफिस मे खुद उनसे सीधे भी मिलकर समस्या का समाधान पा सकते है।
जीएसटी के अनुसार मिले उपभोक्ता को सामान
असिस्टेंट कमिश्नर श्री तिरसे ने बताया कि जीएसटी आने के बाद इसके निर्धारित टैक्स के अनुसार ही प्रिंट मूल्य पर सामग्री बेचने के निर्देश दिए गए है। उन्होंने कारोबारियो और ट्रेडर्स को निर्देशित किया है कि सभी बिल जीएसटी के अनुसार ही किया जाय। जीएसटी के अनुसार बिल करने के लिए व्यापारीयो और ट्रेडर्स को सरकार और विभाग द्वारा भरपूर समय दिया गया है ताकि वे ससमय जीएसटी के अनुसार बिल करके आम जनता और खुद को शासन की मंशा के अनुरूप ढालकर देश की आर्थिक तरक्की मे अपनी भागीदारी कर सके।

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