जीवन रक्षक व अति महत्वपूर्ण नंबर्स -आशीष तिवारी पुलिस अधीक्षक मीरजापुर

सेन्ट मैरी स्कूल बरौधा कचार में चली पुलिस की पाठशाला❗*
*❗पुलिस अधीक्षक महोदय ने छात्रों को पढ़ाया सुरक्षा, सफलता व स्वास्थ्य सहित यातायात का पाठ❗*
आशीष तिवारी पुलिस अधीक्षक मीरजापुर महोदय द्वारा स्कूल/कालेज में पढ़ने वाले बच्चों को जागरूक बनाये जाने के उद्देश्य से चलाये जा रहे “पुलिस की पाठशाला” कार्यक्रम में आज दिनांक-09-09-2017 को आज सेन्ट मैरी स्कूल बरौधा कचार में बच्चों की क्लास लगायी गयी। उक्त कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक महोदय ने सभी वर्गों के छात्रों की संयुक्त क्लास ली, जिसमें छात्रों को आडियो विजुअल तकनीक से नैतिकता, सामाजिक,समरसता व यातायात के नियमो का पाठ पढ़ाया गया। साथ ही बच्चों को उनकी सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं भावी जीवन में उपयोगी उपाय भी बताये गये।
छात्रों की क्लास लेते हुये पुलिस अधीक्षक महोदय ने पुलिस एवं पुलिस के सहयोगी अन्य संगठनों द्वारा आम जन के सुरक्षार्थ एवं सहयोगार्थ किये जाने वाले विभिन्न प्रकार के जोखिमयुक्त कार्यों के बारें में बताया। महोदय ने छात्रों को वीडियो क्लिप दिखाते हुये सफलता के गुण बताये। महोदय ने रोड एक्सीडेन्ट से बचाव हेतु हेलमेट के उपयोग और यातायात नियमों के पालन पर बल दिया। *इसके साथ ही किसी घटना के बारे में पुलिस को सूचना दिये जाने के सम्बन्ध में निर्गत उ0प्र0पुलिस के इमरजेंसी नम्बर 100 (डायल 100), आग लगने की सूचना देने हेतु फायर सर्विस का इमरजेंसी नम्बर 101, महिलाओं/ किशोरियों की सुरक्षा हेतु निर्गत 1090 नम्बर, बच्चों/बच्चियों की सहायता एवं वेलफेयर हेतु निर्गत 1098 नम्बर, किसी प्रकार दुर्घटना में घायलों/गम्भीर रूप से बीमार व्यक्तियों की सहायता हेतु निर्गत 108 नम्बर, घरेलू हिंसा की घटना होने पर महिलाओं की सुरक्षा हेतु निर्गत 181 नम्बर पर काल करने के सम्बन्ध में जानकारी दी गयी तथा किसी प्रकार की आकस्मिक घटना के होने पर अथवा किसी पीड़ित की सहायता हेतु इन नम्बरों की उपयोगिता के बारे में भी बताया गया। साथ ही पुलिस अधीक्षक महोदय ने छात्रों से कहा कि घायलों एवं जरूरतमन्दों की यथासम्भव सहायता अवश्य करें। घायलों की मदद करने वालों से पुलिस किसी प्रकार का पूछताछ नहीं करती है, इसलिये बिना डरे घायलों की सहायता करें।*
महोदय ने वीडियोक्लिप के माध्यम से बच्चों को बताया कि किस प्रकार से छोटी-छोटी बातों को अपनाने से हम अपनी खराब आदतों को अच्छी आदतों में बदल सकते हैं व अपने जीवन में सफल हो सकते हैं।
महोदय ने बच्चों को जीवन में सफल होने के लिए बाडी,माइन्ड,सोल का तीनसूत्रीय फार्मूला बताया गया। जहाँ बाडी हमारा शरीर और स्वास्थ्य है, माइन्ड हमारा कैरियर या व्यवसाय है और सोल हमारा अन्य लोगों के साथ किया जाने वाला व्यवहार है। महोदय ने बताया कि जीवन में सफलता पाने के लिए तीनों चीजों का सही और सशक्त होना अतिआवश्यक है। अपने शरीर और स्वास्थ्य को सही रखने के लिए महोदय ने बच्चों को एक्सरसाईज, ईट एण्ड स्लीप का तीनसूत्रीय नुस्खा बताया, जिसमें महोदय ने बताया कि एक्सरसाईज में शारीरिक श्रम है, जो अपने शारीरिक श्रम अथवा खेल से पूर्ण होता है। ईट में क्या खाना चाहिये व क्या नहीं खाना चाहिये इस विषय में बताया गया। महोदय ने बच्चों से कहा कि हम जो भी खाते हैं हमारे शरीर एवं स्वास्थ्य के लिये सही होना चाहिये, कोई खाद्य पदार्थ केवल स्वाद हेतु नहीं खाना चाहिये। स्लीप के फार्मूले में महोदय ने बताया कि बच्चों को कम से कम 08 घण्टे अवश्य सोना चाहिये, साथ ही समय से सोना व जागना चाहिये।
महोदय ने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ दिमाग का वास होता है, अतः स्वयं को शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ रखें। इसके लिये नियमित योगाभ्यास, कसरत, मार्निंगवाक, ध्यान आदि करें तथा अपने खानपान पर विशेष ध्यान दें। संतुलित आहार लें तथा इधर-उधर की चीजें खाने से बचें। भरपूर नींद लें व कठिन परिश्रम से किसी लक्ष्य को प्राप्त करने की प्रवृत्ति जगायें।* महोदय द्वारा इस अवसर पर छात्रों को उनका उत्साहवर्धन करती एक रचनात्मक वीडियोक्लिप भी दिखायी गयी, जिसमें निम्नलिखित काव्य निहित था-
*” लहरों से डरकर नौका कोई पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती “*

*महोदय ने बच्चों को जीवन में सफलता प्राप्त करने हेतु एलबर्ट आईन्सटीन व आर्थर के फार्मूले के बारे में विस्तार से बताते हुये वीडियो क्लिप दिखाकर छात्रों को सुव्यवस्थित तरीके से समझाया। महोदय ने कहा कि जीवन में सफल होने के लिये गाइड लाइन का होना अतिआवश्यक है, जिनका पालन कर व्यक्ति जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता को प्राप्त कर सकता है। अपनी अच्छी एवं बुरी आदतों मंम अन्तर करें व अच्छी आदतों को अपनाते हुये बुरी आदतों को छोड़ने का प्रयास करना चाहिये। महोदय ने छात्रों से कहा कि छात्रों के जीवन में अनुशासन का होना अतिआवश्यक है, जिससे उसे सही मार्ग पर चलते हुये सही कार्य करने की प्रेरणा मिलती है। महोदय द्वारा अपने क्षेत्र में शीर्ष स्थान प्राप्त करने हेतु समय प्रबन्धन की उपयोगिता के विषय में भी छात्रों को विस्तार से बताया गया।*
*इसके अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय ने सुसाइड गेम के नाम से मशहूर हो रहे बच्चों के लिए घातक वीडियोगेम ब्लू व्हील (ब्लू व्हेल) के बारे में व इसके घातक परिणामों के बारे में बताया गया। महोदय ने बताया कि किस प्रकार से बच्चे एक स्टेप से दूसरे स्टेप में जाने के लिए अपने शरीर को चोट पहुँचाते हैं। महोदय ने सभी बच्चों को इस घातक वीडियोगेम से बचनें के बारे में विधिवत समझाया। साथ ही महोदय ने बच्चों को आगाह किया कि न तो आप इस गेम या इस प्रकार के अन्य गेम खेलें और न ही दूसरे बच्चों को खेलनें दें। यदि किसी को इस प्रकार के किसी गेम को खेलते देखें तो तत्काल खुद या अपने परिजनों के माध्यम से पुलिस को अवश्य सूचित करें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्यवाही की जा सके।*
उक्त अवसर पर महोदय नें बच्चों से सवाल भी पूछे जिनका बच्चों ने सही-सही जवाब दिया। इस पर महोदय ने बच्चों को शाबाशी देकर व ताली बचाकर उत्साहवर्धन भी किया।
कार्यक्रम के अन्त में पुलिस अधीक्षक महोदय ने उपस्थित छात्रों से कहा कि पुलिस द्वारा किया जाने वाला कार्य काफी चुनौतीपूर्ण है, जो आपकी सुरक्षा एवं सहायता से सम्बन्धित होता है, इसलिए पुलिस के कार्यों में सहयोग प्रदान करते हुये अपराध एवं अपराधियों रोकथाम हेतु पुलिस द्वारा किये जा रहे प्रयासों को सफल बनायें, पुलिस आपकी मदद के लिये है अतः किसी भी प्रकार की समस्या/शिकायत अथवा अपराध या अपराधी के सम्बन्ध में जानकारी होने पर तत्काल अपने थाने या सम्बन्धित अधिकारीगण को अवश्य अवगत करायें व किसी अपराध अथवा अपराधी की जान यातायात नियमों का पालन अपनी सुरक्षा हेतु अवश्य करें।
कार्यक्रम के अन्त में सेन्ट मैरीज़ स्कूल के फादर श्री ग्रेगरी डिसूजा ने पुलिस अधीक्षक महोदय को बच्चों हेतु एक शैक्षिक व ज्ञानपरक सत्र का आयोजन करके छात्रों का उत्साहवर्धन करने के सम्बन्ध में धन्यवाद ज्ञापित किया।

Editor-in-chief of this district based news portal.

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