समाचाररामलीला कमेटी के द्वारा रावण के वध की अनूठी व्यवस्था -साधू तिवारी

रामलीला कमेटी के द्वारा रावण के वध की अनूठी व्यवस्था -साधू तिवारी

7007384400-मिर्जापुर के मवैया गांव में रामलीला कमेटी के द्वारा रावण के वध की अनूठी व्यवस्था के चलते दूर-दूर तक ख्याति प्राप्त यहां की रामलीला अद्भुत ,अद्वितीय है ।दरअसल मिर्जापुर के मवैया गांव की रामलीला अति प्राचीन मानी जाती है ।1975 से लगातार इस गांव में भगवान राम की लीला का व्याख्यान बड़े ही सुंदरता और बेहतर वर्णन के साथ कराया जाता रहा है। साथ ही साथ समस्त धर्मों के लोग यहां की रामलीला में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं ।खासतौर पर मुस्लिम परिवार व हिंदू परिवार संयुक्त रूप से अपने अनूठे प्रयास से इस अति प्राचीन रामलीला के कार्यक्रम का संपादन करते आए है । आयोजक साधु तिवारी ने बताया की यहां पर रावण के जलाने की परंपरा नहीं है राम के द्वारा रावण के वध के उपरांत रावण की अस्थियों को मिट्टी में दफन कर देने की परंपरा ही यहां की रामलीला को अन्य रामलीला से अलग करती है ।लेकिन समस्त ग्रामीण क्षेत्रों में यहां की रामलीला की ख्याति प्रचलित है ।महिलाएं ,बच्चे, बुजुर्ग सभी भगवान राम की लीला को देख कर अपने जीवन में अनुसरण करने का भी प्रयास करते हैं। भगवान राम के आचरण को अपने जीवन में उतारने की भी नसीहत आयोजकों के द्वारा दी जाती रही है पहली बार रावण वध के उपरांत भगवान श्री राम की यात्रा निकली जिसमे बग्घी में बैठकर भगवान राम गांव में अपनी समूची सेना के साथ भ्रमण पर निकले |रावण को मार कर लंका पर विजय श्री प्राप्त करने के उपरांत जहां ग्राम वासियों ने भगवान राम के दर्शन प्राप्त कर अपने आप को धन्य समझा ,साथ में हनुमान जी व उनकी समूची वानर सेना भी इस राम भरत के साथ गांव का भ्रमण किया |कार्यक्रम में पूर्व ब्लाक प्रमुख कृष्ण सिंह ,ब्राम्हण महासंघ फाउंडेशन के प्रदेश अध्यक्ष साधू तिवारी ,आशीष मिश्रा, जग निवास मिश्रा व रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अशोक तिवारी ने रावण के वध के पश्चात भगवान राम व उनकी पूरी सहयोगी सेना का आरती उतारकर पुण्य कमाया ,तो वहीं रामलीला कमेटी के उपाध्यक्ष साधु तिवारी ने समूची व्यवस्था संभाल रखी थी संचालक जग निवास मिश्रा कोषाध्यक्ष आशीष मिश्रा ने भी बढ़-चढ़कर इस कार्यक्रम में सहयोग किया तो वहीं इलाके के हाजी मोहिउद्दीन अहमद खान ने भी हिंदू मुस्लिम भाईचारे की एकता का मिसाल रखते हुए भगवान राम की लीला अद्भुत व मनुष्य के जीवन में उनके आचरण के अनुसरण की भी सलाह दी | त्यौहार में बढ़-चढ़कर मनाने की प्रथा के बारे में कहा कि इस गांव में गंगा जमुनी तहजीब देखने को मिलती है यहां हिंदू के त्योहारों में मुसलमान भी हिंदुओं के त्यौहार में मिलकर त्यौहार मनाते हैं और मुसलमान के त्यौहार में हिंदू भाइयों के द्वारा बढ़-चढ़कर मिलकर त्यौहार मनाने की परंपरा रही है|

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