
कृषि निर्यात नीति व बैंकिंग योजनाओं की समीक्षा, जीआई उत्पादों के प्रचार-प्रसार पर जोर
मीरजापुर, 02 अप्रैल 2026: उत्तर प्रदेश कृषि निर्यात नीति के अंतर्गत जीआई अनुश्रवण एवं क्लस्टर सुविधा इकाई की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में ज्येष्ठ कृषि विपणन निरीक्षक संजय कुमार ने कृषि निर्यात नीति की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि निर्यात आधारित अनुदान के तहत क्लस्टर बनाकर किसान एफपीओ को 10 से 30 लाख रुपये तथा प्रसंस्करण यूनिट स्थापित करने पर 25 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि किसानों को मानक के अनुसार उत्पादन के लिए जागरूक किया जाए तथा अधिक से अधिक क्लस्टर बनाए जाएं। उन्होंने पोस्ट हार्वेस्ट डिग्री एवं डिप्लोमा के लिए 50 लाख रुपये के अनुदान हेतु मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही जनपद के जीआई उत्पादों—आदम चीनी चावल, रामनगर भाटा, लंगड़ा आम, बनारस पान पत्ता और बनारस ठंडई—के अधिकृत उपयोगकर्ताओं की संख्या बढ़ाने और व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया।
इसके पश्चात जिलाधिकारी स्तरीय सलाहकार एवं समीक्षा समिति की बैठक में बैंकिंग व्यवस्था की समीक्षा की गई। जानकारी दी गई कि जनपद में 22 बैंकों की कुल 206 शाखाएं संचालित हैं, जिनमें 137 ग्रामीण, 22 अर्द्धशहरी और 47 शहरी क्षेत्रों में स्थित हैं। दिसंबर 2025 तक कुल जमा 14,301.07 करोड़ रुपये, कुल ऋण 6,743.55 करोड़ रुपये तथा औसत ऋण-जमा अनुपात 47.15 प्रतिशत रहा। व्यावसायिक बैंकों का यह अनुपात 37.82 प्रतिशत दर्ज किया गया।
जिलाधिकारी ने पाया कि अधिकांश बैंकों का ऋण-जमा अनुपात राज्य औसत 60 प्रतिशत से कम है, जिस पर उन्होंने इसे बढ़ाने के निर्देश दिए। प्राथमिकता क्षेत्र के अंतर्गत कुल ऋण 65.35 प्रतिशत, कृषि ऋण 29.62 प्रतिशत तथा एमएसएमई और कमजोर वर्ग के ऋण क्रमशः 30.25 और 23.49 प्रतिशत रहे। जनपद का कुल एनपीए 7.74 प्रतिशत दर्ज किया गया।
बैठक में किसान क्रेडिट कार्ड, पशुपालन, मत्स्य पालन, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम से संबंधित योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस अवसर पर नगर मजिस्ट्रेट अविनाश सिंह, उप कृषि निदेशक विकेश पटेल, लीड बैंक प्रबंधक, विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।















