जल निगम के ठेकेदार को 10 मिनट में जेल भेजने की चेतावनी

मिर्जापुर : खराब सड़कों पर नगर मजिस्ट्रेट का सख्त तेवर, जल निगम के ठेकेदार को 10 मिनट में जेल भेजने की चेतावनी
मिर्जापुर। जनपद में बदहाल सड़कों को लेकर प्रशासन का गुस्सा आखिरकार फूट पड़ा। नगर क्षेत्र की जर्जर सड़कों के निरीक्षण के दौरान अविनाश कुमार ने जल निगम के ठेकेदार को फोन पर कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि “जेल जाना चाहते हो क्या, हमें जेल भेजने में 10 मिनट लगेंगे, 15वां मिनट नहीं।” नगर मजिस्ट्रेट ने खराब निर्माण कार्य पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सड़कों की हालत मजाक बन चुकी है और क्या अब यही काम रह गया है कि रोज सड़क का निरीक्षण किया जाए।
नगर मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि रात में सड़क की मरम्मत ठीक से नहीं हुई तो ठेकेदार को अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने सड़क निर्माण में लापरवाही को बर्दाश्त न करने की बात दोहराई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बीते पांच वर्षों से मिर्जापुर की जनता धूल फांक रही है। आरोप है कि डामर की जगह कई स्थानों पर ठेकेदारों द्वारा मोबिल डालकर सड़क बनाई जा रही है, जिससे कुछ ही दिनों में सड़क उखड़ जा रही है।
उधर, महाशिवरात्रि के दिन नगर में निकलने वाली पालकी यात्रा को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया है। खराब सड़कों को देखते हुए महंतों में भारी नाराजगी है। श्याम सुंदर केसरी ने भी मौके पर पहुंचकर सड़कों का निरीक्षण किया और ठेकेदार को जमकर फटकार लगाई।
सवाल यह उठ रहे हैं कि क्या केवल महाशिवरात्रि की पालकी यात्रा के मार्गों पर ही सड़कें दुरुस्त की जाएंगी? जनता पूछ रही है कि जिन मार्गों से यात्रा निकलेगी, वहीं की सड़कें क्या अधिकारियों को दिखाई दे रही हैं, जबकि बाकी शहर की सड़कों की बदहाली पर क्यों कार्रवाई नहीं हो रही। क्या आम दिनों में मिर्जापुर की जनता खराब सड़कों पर चलने को मजबूर रहेगी?
नगर में सड़क निर्माण को लेकर उठे इन सवालों ने प्रशासन और ठेकेदारों की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि चेतावनियों के बाद सड़कों की सूरत बदलती है या फिर जनता को यूं ही धूल फांकनी पड़ेगी।

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