पड़री के चांदलेवा में अवैध खनन की सूचना ,मिर्जापुर

मीरजापुर में अवैध खनन का तांडव, पड़री क्षेत्र में खनन माफिया बेखौफ, खनिज विभाग की चुप्पी पर सवाल
मीरजापुर। स्थानीय लोगों के मुताबिक जनपद में अवैध खनन का कारोबार लगातार फल-फूल रहा है। थाना पड़री क्षेत्र के ग्राम सभा चांदलेवा ढेढुवा में खनन माफिया बेखौफ होकर बड़े पैमाने पर अवैध खनन कर रहे हैं। हालात ऐसे हैं मानो खनन माफियाओं को खुली छूट दे दी गई हो। संबंधित विभागों की निष्क्रियता के चलते सरकारी राजस्व को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
सूत्रों के अनुसार, ग्राम सभा चांदलेवा ढेढुवा में स्वीकृत लीज क्षेत्र के आसपास ही नहीं, बल्कि उससे थोड़ी दूरी पर भी छोटे-छोटे स्थानों पर अवैध खनन धड़ल्ले से किया जा रहा है। नियमों को ताक पर रखकर पत्थरों का उत्खनन और परिवहन दिन-रात जारी है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही।
हालांकि इस प्रकार पर एडीएम वित्त से वार्ता किया गया उन्होंने कहा कि अवैध खनन के खिलाफ निरंतर कार्रवाई की जा रही है उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल खनिज अधिकारी से भी वार्ता कर आवश्यक निर्देश दिए। खान अधिकारी ने कहा कि वहां वैद्य पट्टा की स्वीकृति की गई है लेकिन उसके बावजूद अगर अवैध खनन पाया जाएगा तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अवैध खनन से न केवल सरकारी राजस्व को भारी क्षति पहुंच रही है, बल्कि पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान हो रहा है। पहाड़ों और जमीन का अंधाधुंध दोहन क्षेत्र में भविष्य के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है। इसके बावजूद खनिज विभाग की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या खनिज विभाग को इस अवैध खनन की जानकारी नहीं है, या फिर विभाग भी इस पूरे मामले में मौन सहमति दे रहा है। मीरजापुर के लोगों को यह जानने का अधिकार है कि उनके जिले में अवैध खनन क्यों हो रहा है और इसके पीछे कौन-कौन लोग जिम्मेदार हैं।
अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और सरकार इस गंभीर मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं।

स्थानीय लोगों की मांग है कि अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाई जाए, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और सरकारी राजस्व व पर्यावरण की रक्षा सुनिश्चित की जाए।

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