
मण्डलायुक्त ने कानून व्यवस्था, विकास प्राथमिकता कार्यक्रमों एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा की
मीरजापुर, 10 फरवरी 2026
विन्ध्याचल मण्डल के मण्डलायुक्त राजेश प्रकाश की अध्यक्षता में आयुक्त कार्यालय सभागार में कानून व्यवस्था, विकास प्राथमिकता कार्यक्रमों, निर्माणाधीन परियोजनाओं, छोटी एवं सहायक नदियों के पुनरोद्धार हेतु मण्डलीय समन्वय समिति तथा राजस्व, चकबन्दी एवं कर-करेत्तर से सम्बन्धित विभागों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मण्डलायुक्त ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी मीरजापुर पवन कुमार गंगवार, जिलाधिकारी सोनभद्र बीएन सिंह, जिलाधिकारी भदोही शैलेश कुमार, पुलिस अधीक्षक मीरजापुर अर्पणा रजत कौशिक, पुलिस अधीक्षक भदोही अभिमन्यु मांगलिक, अपर पुलिस अधीक्षक सोनभद्र, मुख्य विकास अधिकारी मीरजापुर विशाल कुमार, सोनभद्र जागृति अवस्थी, भदोही बाल गोविन्द शुक्ला, अपर आयुक्त प्रशासन राम कुमार द्विवेदी, संयुक्त विकास आयुक्त रमेश चन्द्र सहित अन्य मण्डलीय अधिकारी उपस्थित रहे।
राजस्व कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान मण्डल के तीनों जनपदों में 32 मदों एवं योजनाओं में ‘ए’ श्रेणी प्राप्त होने की जानकारी दी गई। इनमें डिजिशक्ति, राइट ऑफ वे, उत्पन्न राजस्व बनाम लक्ष्य, लो एवं हाई रिस्क भवनों के मानचित्रों की स्वीकृति, पेट्रोल पंपों का सत्यापन, औषधि एवं खाद्य नमूनों की कार्रवाई, एनएफएसए-ईपीडीएस लाभार्थी, अमृत-2, प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी, पीएम स्वनिधि,
संपत्ति नामांतरण, विभिन्न प्रमाण पत्रों का निर्गमन, कृषि भूमि से गैर कृषि, ई-खसरा, आपदा राहत प्रबंधन, एंटी भू-माफिया, भूलेख, मुख्यमंत्री विवेकाधीन सहायता एवं भूतपूर्व सैनिकों से जुड़ी ऑनलाइन सेवाएं प्रमुख रहीं।
विकास कार्यक्रमों की समीक्षा में 62 मदों एवं योजनाओं में तीनों जनपदों को ‘ए’ श्रेणी प्राप्त हुई। इनमें सोलर स्ट्रीट लाइट योजनाएं, छात्रवृत्ति योजनाएं, कृषि एवं सिंचाई योजनाएं, विद्युत आपूर्ति, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, आवास योजनाएं, मनरेगा, सड़क एवं भवन निर्माण, स्वास्थ्य सेवाएं, दुग्ध विकास, पेंशन योजनाएं, स्वच्छ भारत मिशन, सामाजिक वनीकरण, ऑपरेशन कायाकल्प, पोषण कार्यक्रम, पशुपालन, मत्स्य विकास, महिला एवं बालिका कल्याण
योजनाएं, स्वरोजगार एवं ओडीओपी योजनाएं शामिल रहीं।
मण्डलायुक्त ने बी एवं सी श्रेणी वाले अधिकारियों को निर्देशित किया कि अगले माह व्यक्तिगत रुचि लेते हुए अपनी श्रेणी में सुधार लाएं, अन्यथा कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्माणाधीन परियोजनाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने, धनाभाव वाली परियोजनाओं में पत्राचार कर धनराशि अवमुक्त कराने तथा पूर्ण कार्यों का तकनीकी समिति से परीक्षण कर हैंडओवर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्य विकास अधिकारियों को दिसंबर 2026 तक पूर्ण होने वाली परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर आख्या प्रस्तुत करने को कहा गया।
बैठक में अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग पीएमजीएसवाई सोनभद्र के अनुपस्थित रहने पर अग्रिम आदेश तक वेतन अदेय करने का निर्देश दिया गया। मण्डलायुक्त ने स्पष्ट किया कि सभी अधिकारी स्वयं बैठक में उपस्थित हों और किसी सहायक को न भेजें तथा विभागीय पूर्ण जानकारी के साथ प्रतिभाग करें।
कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान गुण्डा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट सहित अन्य मामलों पर चर्चा की गई और ऐसे अपराधों में अधिक से अधिक सजा दिलाने के निर्देश दिए गए। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व मीरजापुर अजय कुमार सिंह, भू-राजस्व अधिकारी देवेन्द्र प्रताप सिंह तथा नमामि गंगे परियोजना से जुड़े अधिकारी भी उपस्थित रहे।















