मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय में पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रम जल्द हो सकता है शुरू

विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय में पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा
कृषि, निर्यात एवं जीआई उत्पादों से जुड़े मानव संसाधन का होगा विकास — मण्डलायुक्त
मण्डलायुक्त की अध्यक्षता में हुई मण्डलीय निर्यात निगरानी समिति की बैठक
मीरजापुर, 09 जनवरी 2026।
मण्डलायुक्त विन्ध्याचल मण्डल राजेश प्रकाश की अध्यक्षता में आयुक्त कार्यालय सभागार में कृषि विपणन एवं कृषि विदेश व्यापार विभाग द्वारा मंडलीय निर्यात निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में एपीडा, राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के अधिकारी, विषय विशेषज्ञ पद्मश्री डॉ. रजनीकांत, संयुक्त निदेशक कृषि डॉ. अशोक उपाध्याय, संयुक्त आयुक्त उद्योग वीरेंद्र कुमार सहित अन्य संबंधित हितधारकों ने सहभागिता की।
बैठक में विंध्याचल मंडल में कृषि निर्यात की वर्तमान स्थिति, निर्यात प्रोत्साहन तथा भौगोलिक संकेतक (जीआई) उत्पादों के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार पर विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर मंडलीय अधिकारी कृषि विपणन एवं कृषि विदेश व्यापार विभाग डॉ. अमित यादव ने मंडल में कृषि जिंसों के निर्यात में हुई प्रगति तथा पंजीकृत कृषि जीआई उत्पादों की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी।
पद्मश्री डॉ. रजनीकांत ने पंजीकृत जीआई उत्पादों के लिए अधिकृत उपयोगकर्ताओं की संख्या बढ़ाने तथा मंडल से नए जीआई उत्पादों के पंजीकरण पर विशेष जोर देने का सुझाव दिया। एपीडा के डीजीएम डॉ. सी.बी. सिंह ने चुनार में नव-निर्मित ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर की जानकारी देते हुए बताया कि यह केंद्र कृषि निर्यात को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
बैठक को संबोधित करते हुए मण्डलायुक्त ने कहा कि मीरजापुर में नवस्थापित माँ विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय में शीघ्र ही पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रम प्रारंभ करने हेतु शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। इससे कृषि, निर्यात एवं जीआई उत्पादों से जुड़े प्रशिक्षित मानव संसाधन का विकास संभव हो सकेगा।
बैठक का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि विंध्याचल मंडल को कृषि निर्यात एवं जीआई उत्पादों के क्षेत्र में एक सशक्त पहचान दिलाने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करेंगे।

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