
मिर्जापुर का नाम बदलने पर जनमत बँटा, 62% ने कहा—“नाम नहीं बदलना चाहिए”
MirzapurNews.com ने कराया सर्वे
मिर्जापुर। जनपद का नाम बदलकर विंध्याचल धाम करने को लेकर mirzapurNews.com द्वारा कराए गए सर्वे में जनता की राय स्पष्ट रूप से दो भागों में बंटी दिखाई दी। सर्वे के अनुसार 62 प्रतिशत लोगों ने कहा कि मिर्जापुर का नाम बदलना नहीं चाहिए, जबकि 38 प्रतिशत लोगों ने नाम बदलने के समर्थन में अपनी राय व्यक्त की।

तीन दिनों तक चले इस डिजिटल सर्वे में शहर, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों के अलग-अलग वर्गों के लोग शामिल हुए। नाम बदलने के पक्ष में रहने वालों का कहना था कि विंध्याचल धाम की धार्मिक पहचान विश्व-स्तर पर प्रसिद्ध है, इसलिए जिले का नाम भी उसी पवित्र धाम के नाम पर होना चाहिए। उनका तर्क था कि इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और जिले की ब्रांडिंग भी मजबूत होगी।
दूसरी ओर, नाम न बदलने के पक्ष में बड़ी संख्या में लोगों ने कहा कि मिर्जापुर की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक पहचान वर्षों पुरानी है। लोगों का कहना था कि शहर का नाम केवल धार्मिक भावनाओं के आधार पर नहीं बदला जाना चाहिए। कुछ मतदाताओं ने यह भी जोड़ा कि नाम परिवर्तन से प्रशासनिक कार्य, दस्तावेजों और पहचान से जुड़ी औपचारिकताओं में परेशानियाँ बढ़ सकती हैं।
मिर्जापुर News.com ने अपने सर्वे परिणामों को सार्वजनिक करते हुए कहा कि यह सर्वे पूर्णतः निष्पक्ष, डिजिटल और ओपन रिस्पॉन्स आधारित था, जिसमें सैकड़ों लोगों ने अपनी भागीदारी दर्ज कराई। फिलहाल जिले का नाम बदलने पर कोई सरकारी घोषणा तो नहीं हुई है, लेकिन सर्वे से साफ है कि इस मुद्दे पर जनमत दो हिस्सों में बँटा हुआ है।















