मिर्जापुर में छापे के बाद भारी संख्या में नकली और मिलावटी खाद्य पदार्थ किए गए जप्त

अभियान चलाकर खाद्य पदार्थों की सघन जांच व सैम्पलिंग के निर्देश, अधोमानक व असुरक्षित खाद्य पदार्थ बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई के आदेश
मीरजापुर, 19 जनवरी 2026 — जनपद में आमजन को सुरक्षित एवं स्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अब तक की गई कार्यवाही की समीक्षा के साथ आगे की कार्ययोजना पर बिंदुवार चर्चा की गई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन मंजुला सिंह को निर्देशित किया कि जनपद में विशेष अभियान चलाकर खाद्य पदार्थों की सघन जांच एवं नमूना संग्रहण की कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि अपमिश्रित खाद्य पदार्थ, दूध एवं दुग्ध से निर्मित उत्पाद, सरसों का तेल, विभिन्न ब्रांडों के घी, खोवा, मिठाई, चना सहित अन्य खाद्य सामग्रियों की नियमित व प्रभावी जांच की जाए। सैम्पलिंग के बाद जांच रिपोर्ट में अधोमानक, मिथ्याछाप एवं असुरक्षित पाए जाने वाले खाद्य एवं औषधियों के विक्रेताओं व संलिप्त फर्मों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने विभागीय कार्यों में पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और एकरूपता लाने पर विशेष बल देते हुए कहा कि जनसामान्य की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए कार्यशालाओं, संगोष्ठियों एवं अन्य माध्यमों से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि लोग ब्रांडेड पैकेट व अन्य खाद्य पदार्थों की शुद्धता की पहचान कर सकें।
बैठक में अभिहित अधिकारी मंजुला सिंह ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि शासन के निर्देशों के अनुपालन में जनपद मीरजापुर में अब तक विधिक एवं सर्विलांस टीम द्वारा कुल 1391 निरीक्षण किए गए, जिनमें 555 नमूने संग्रहित कर जांच के लिए भेजे गए। प्राप्त 461 जांच रिपोर्टों में से 174 नमूने मानकों के विपरीत पाए गए, जिनके विरुद्ध नियमानुसार मुकदमे दर्ज कर कार्रवाई की गई।
उन्होंने बताया कि दशहरा पर्व के दौरान विशेष प्रवर्तन दल द्वारा 98 निरीक्षण किए गए, जिनमें 47 नमूने संग्रहित किए गए। इस दौरान 130 किलोग्राम मूंगफली दाना जब्त किया गया तथा 9100 रुपये का जुर्माना वसूल कर राजस्व अर्जित किया गया। वहीं दीपावली पर्व के अवसर पर 60 दुकानों का निरीक्षण कर 47 नमूने संग्रहित किए गए, जिसमें 225 किलो दूध, 1591 किलो खोवा, 3 किलो छेना, 15 किलो बेसन और 12 किलो टॉफी नष्ट की गई।
दूध एवं दुग्ध से निर्मित खाद्य पदार्थों की जांच के अंतर्गत 332 निरीक्षण किए गए, जिनमें 130 नमूने संग्रहित कर 98 नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई। इनमें 66 नमूने मानकों के विपरीत तथा 32 मानकों के अनुरूप पाए गए। ब्रांडेड खाद्य सामग्री, खाद्य तेल, चना, कुट्टू एवं घी के विशेष अभियान के तहत भी व्यापक जांच की गई, जिसमें कई नमूने अधोमानक पाए गए और उनके विरुद्ध कार्रवाई की गई।
पीडीएस, एमडीएम एवं आईसीडीएस से संबंधित प्रवर्तन कार्यवाही के अंतर्गत 61 निरीक्षण किए गए। आईसीडीएस के 3 एवं एमडीएम के 66 नमूनों में से प्राप्त 26 जांच रिपोर्टों में एक नमूना मानक के विपरीत तथा 25 मानकों के अनुरूप पाए गए।
अभिहित अधिकारी ने बताया कि अधोमानक पाए गए नमूनों के मामलों में संबंधित दुकानों एवं फर्मों के विरुद्ध मुकदमे दर्ज कर 36 आरसी के सापेक्ष 16 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया, जिसके सापेक्ष अब तक 13 लाख 19 हजार रुपये की वसूली की जा चुकी है।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन द्वारा विद्यालयों में भी जनजागरूकता अभियान चलाया जाए तथा प्रवर्तन की कार्यवाही को निरंतर अभियान के रूप में जारी रखा जाए, जिससे जनपदवासियों को शुद्ध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा

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