मिर्जापुर में युवतियों का धर्म परिवर्तन मामले में बड़े सफेद पोश का भी नाम आया सामने

धर्मांतरण मामले में पुलिस मुठभेड़, मुख्य आरोपी फरीद गिरफ्तार—06 अभियुक्त जेल भेजे गए
मीरजापुर, 22 जनवरी 2026।
जनपद मीरजापुर में कथित अवैध धर्म परिवर्तन से जुड़े मामलों में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना कोतवाली देहात में पंजीकृत अभियोगों में वांछित मुख्य अभियुक्त फरीद को पुलिस मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया। मुठभेड़ में फरीद के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे पुलिस अभिरक्षा में इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी हालत सामान्य बताई गई है।
पुलिस के अनुसार, थाना कोतवाली देहात में दो पीड़िताओं की अलग-अलग तहरीर पर मु0अ0सं0-32/2026 व 33/2026 अंतर्गत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं तथा उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत मुकदमे दर्ज किए गए थे। आरोप है कि अभियुक्त पहले दोस्ती कर युवतियों को बरगलाते थे और बाद में उन पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाते थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मीरजापुर के निर्देश पर एसओजी सहित चार पुलिस टीमों का गठन किया गया। विवेचना के क्रम में 20 जनवरी को चार अभियुक्तों—मोहम्मद शेख अली आलम, फैजल खान, जहीर और शादाब—को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में यह सामने आया कि अभियुक्त जहीर केजीएन-01 जिम का मालिक है तथा अन्य जिमों से भी अभियुक्तों का जुड़ाव रहा है। पीड़िताएं इन्हीं जिमों में प्रशिक्षण लेने जाया करती थीं। साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से संबंधित जिमों को सील कराया गया है।
आज 22 जनवरी को सूचना मिली कि मुख्य वांछित अभियुक्त फरीद खड़ंजाफाल क्षेत्र में छिपा हुआ है। पुलिस टीम द्वारा दबिश दिए जाने पर अभियुक्त ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में फरीद के पैर में गोली लगी और उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। घटनास्थल से एक अवैध तमंचा, जिंदा व खोखा कारतूस तथा मोबाइल फोन बरामद किया गया। फरीद से पूछताछ के दौरान एक अन्य अभियुक्त इरशाद खां को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि अभियुक्तों का एक संगठित गिरोह है, जो जिम संचालन की आड़ में युवतियों से संपर्क बनाकर उन्हें बहलाने-फुसलाने और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का कार्य करता था। मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण में नगद लेन-देन और नेटवर्क से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आए हैं। पुलिस द्वारा बैंक खातों, आधार और पैन कार्ड की भी जांच की जा रही है।
अब तक कुल छह अभियुक्तों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस का कहना है कि विवेचना जारी है और अन्य संलिप्त लोगों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उधर, इस मामले में सराहनीय कार्य करने वाली पुलिस टीम को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा ₹25,000 के पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की गई है।

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