
# मिर्जापुर सिंचाई विभाग में वेतन घोटाले का खुलासा, दो से तीन बाबुओं के सिंडिकेट की आशंका
**अधिकारी की शिकायत पर शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज, एक बाबू नामजद; निलंबन की भी कार्रवाई**
**मिर्जापुर।** सिंचाई विभाग में फर्जी वेतन और एरियर के नाम पर कथित वित्तीय घोटाले का मामला प्रकाश में आया है। मामले में विभागीय अधिकारी प्रमोद कुमार की लिखित शिकायत पर 18 अक्टूबर को शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है। प्रकरण सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विभाग में फर्जी वेतन और एरियर के भुगतान के नाम पर भारी-भरकम रकम के कथित गबन की आशंका जताई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी में दो से तीन बाबुओं के एक सिंडिकेट के सक्रिय होने की बात सामने आई है। हालांकि, घोटाले में कुल कितनी धनराशि का हेरफेर हुआ है और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका है, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने आनी बाकी है।
बताया जा रहा है कि मामला अधिकारी प्रमोद कुमार के संज्ञान में आते ही उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित बाबुओं के निलंबन की प्रक्रिया शुरू की। विभागीय स्तर पर एक आदेश के तहत निलंबन की कार्रवाई किए जाने की जानकारी मिली है।
वहीं, पुलिस ने दर्ज मुकदमे में जितेंद्र बाबू को नामजद करते हुए अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला पंजीकृत किया है। अब पुलिस मामले की जांच कर कथित वित्तीय अनियमितता से जुड़े तथ्यों और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने में जुटेगी।
सिंचाई विभाग में फर्जी वेतन और एरियर के नाम पर कथित घोटाले का यह मामला विभागीय वित्तीय व्यवस्था और कर्मचारियों के भुगतान की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और विभागीय कार्रवाई पर टिकी हैं।















