
मीरजापुर में नियोजित शहरी विकास की नई शुरुआत
विकास प्राधिकरण बोर्ड बैठक में ‘गंगा विंध्य विहार’ सहित कई प्रस्तावों को मंजूरी।
मीरजापुर, 19 दिसम्बर 2025।
मण्डलायुक्त विन्ध्याचल मण्डल एवं मीरजापुर विन्ध्याचल विकास प्राधिकरण बोर्ड के अध्यक्ष राजेश प्रकाश की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयुक्त कार्यालय सभागार में विकास प्राधिकरण की महत्वपूर्ण बोर्ड बैठक संपन्न हुई। बैठक में शहरी विकास, आवासीय योजनाओं, क्षेत्र विस्तार और आय सृजन से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा करते हुए स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक में जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने जानकारी दी कि मीरजापुर और विन्ध्याचल के मध्य लगभग 50 एकड़ क्षेत्र में विकास प्राधिकरण की पहली आवासीय योजना के रूप में “गंगा विंध्य विहार आवासीय योजना” विकसित किए जाने के प्रस्ताव को बोर्ड की मंजूरी दी गई है। यह योजना सुनियोजित एवं किफायती आवास की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

इसके अतिरिक्त कांतित क्षेत्र में मीरजापुर विन्ध्याचल विकास प्राधिकरण द्वारा व्यावसायिक सह कार्यालय कॉम्प्लेक्स के निर्माण को भी स्वीकृति दी गई, जिसमें भविष्य में प्राधिकरण का कार्यालय संचालित होगा। इससे प्रशासनिक कार्यों को सुगम बनाने के साथ-साथ आय के नए स्रोत भी विकसित होंगे।
बैठक में प्राधिकरण के क्षेत्र विस्तार को लेकर संशोधित प्रस्ताव भेजे जाने पर भी सहमति बनी। पूर्व प्रस्ताव के अतिरिक्त अब ट्रांसगंगा क्षेत्र में चील्ह तक का इलाका भी प्राधिकरण क्षेत्र में शामिल किए जाने का निर्णय लिया गया।
मण्डलायुक्त ने कहा कि विकास प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य सुनियोजित शहरी विकास, भूमि का उचित प्रबंधन, बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण और आय अर्जन के साथ आमजन को किफायती आवास एवं सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने निर्देश दिया कि कराए जाने वाले सभी विकास कार्य स्थानीय निवासियों के हितों को ध्यान में रखकर नियमानुसार सुनिश्चित किए जाएं।
बैठक में पड़रा हनुमान क्षेत्र में इंडस्ट्रियल भू-उपयोग मानचित्र के अनुमोदन, आचार्य रामचन्द्र शुक्ल पार्क के सुदृढ़ीकरण एवं गेट निर्माण से जुड़ी स्वामित्व संबंधी शिकायतों के निस्तारण, क्षेत्रीय अवस्थापना निधि के अंतर्गत बजट प्रावधान, अनुरक्षण मद, आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्मिक नियुक्ति, प्राधिकरण के लिए वाहन क्रय तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 में नवम्बर 2025 तक की आय-व्यय स्थिति पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
इस अवसर पर प्राधिकरण के सदस्य मालती त्रिपाठी, मणिशंकर मिश्र, ओमकार यादव सहित अन्य सदस्यों ने क्षेत्र विकास से जुड़े अपने सुझाव रखते हुए प्रार्थना पत्र सौंपे। मण्डलायुक्त ने प्राधिकरण के सचिव को निर्देशित किया कि सभी प्रस्तावों पर नियमानुसार परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
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