
मिर्जापुर के निजी स्कूल में महंगी प्राइवेट किताबों की सूची से अभिभावकों में नाराजगी
मिर्जापुर नारघाट स्थित जेसी बाल मंदिर जूनियर हाई स्कूल द्वारा जारी कक्षा 5 की किताबों की सूची को लेकर अभिभावकों में नाराजगी देखने को मिल रही है। स्कूल प्रबंधन की ओर से दी गई बुक लिस्ट में अधिकतर किताबें निजी प्रकाशकों की शामिल की गई हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 3470 रुपये बताई गई है।
अभिभावकों का कहना है कि सूची में केवल एक ही किताब एनसीईआरटी की है, जबकि बाकी सभी पुस्तकें प्राइवेट पब्लिशर्स की हैं। उनका आरोप है कि इतनी महंगी किताबें हर साल खरीदना आर्थिक रूप से बोझिल साबित हो रहा है। कुछ अभिभावकों ने यह भी कहा कि उन्हें एक तय दुकान से ही किताबें खरीदने के लिए कहा जाता है, जिससे विकल्प भी सीमित हो जाता है।
शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्तर पर एनसीईआरटी या राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की पुस्तकों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। निजी प्रकाशकों की किताबें केवल सहायक सामग्री के रूप में ही उपयोग में लाई जानी चाहिए, न कि अनिवार्य रूप से।
इस मामले में जब स्कूल प्रबंधन का पक्ष जानने की कोशिश की गई तो कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। वहीं, शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी स्कूल द्वारा अनावश्यक रूप से महंगी किताबें अनिवार्य की जा रही हैं या अभिभावकों पर दबाव बनाया जा रहा है, तो इसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल इस मुद्दे को लेकर अभिभावकों में असंतोष बढ़ता नजर आ रहा है और वे इस संबंध में संबंधित अधिकारियों से शिकायत करने की तैयारी में हैं।












