
मिर्जापुर।
जनपद में गौ-तस्करी पर प्रभावी रोकथाम के तहत मिर्जापुर पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। थाना मड़िहान व राजगढ़ की संयुक्त पुलिस टीम ने पुलिस मुठभेड़ के दौरान एक शातिर गो-तस्कर को घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। मौके से 13 राशि गोवंश तथा अवैध तमंचा व कारतूस बरामद किए गए हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सोमेन बर्मा द्वारा जनपद में अपराध नियंत्रण, गो-तस्करी में संलिप्त अभियुक्तों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई एवं इनामिया अपराधियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन व क्षेत्राधिकारी ऑपरेशन के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई।
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो गो-तस्कर भावां–सेमरी जंगल के रास्ते पैदल गोवंशों को वध हेतु बिहार ले जा रहे हैं। सूचना के आधार पर मड़िहान व राजगढ़ पुलिस ने संयुक्त रूप से दबिश दी। खुद को घिरता देख गो-तस्करों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षार्थ फायरिंग की।
इस दौरान एक गो-तस्कर सप्पू नट पुत्र नबी रसूल, निवासी देवरी कलां थाना मड़िहान, के बाएं पैर में गोली लगी, जिसे गिरफ्तार कर उपचार हेतु अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी हालत सामान्य बताई जा रही है। वहीं दूसरा आरोपी फरार हो गया।
मौके से 13 गोवंश, एक अवैध तमंचा 315 बोर, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया गया है। इस संबंध में थाना राजगढ़ पर अभियोग पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध गोवध अधिनियम, पशु क्रूरता अधिनियम, आर्म्स एक्ट व गैंगस्टर एक्ट सहित कई गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं।
इस पूरी कार्रवाई को प्रभारी निरीक्षक मड़िहान बालमुकुंद मिश्रा तथा थानाध्यक्ष राजगढ़ दया शंकर ओझा के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा अंजाम दिया गया।















