
साइबर ठगी में फंसे 82.70 लाख रुपये में से 2.95 लाख की और वापसी, मीरजापुर पुलिस ने दिलाई बड़ी राहत
साइबर ठगी के शिकार पीड़ित को 2.95 लाख रुपये की राहत, मीरजापुर पुलिस ने खाते में कराई वापसी
मीरजापुर। साइबर क्राइम पुलिस थाना मीरजापुर की सक्रियता से साइबर ठगी के एक मामले में पीड़ित को बड़ी राहत मिली है। पुलिस ने ठगी की गई धनराशि में से 2 लाख 95 हजार रुपये पीड़ित के बैंक खाते में वापस कराए हैं।
पुलिस उपमहानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मीरजापुर सोमेन बर्मा के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक नगर (नोडल अधिकारी) एवं क्षेत्राधिकारी नगर के नेतृत्व में साइबर अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई।
मामले के अनुसार, दिनांक 24 जून 2024 को पीड़ित निवासी शिवाला महंथ, जनपद मीरजापुर ने साइबर क्राइम थाना मीरजापुर में तहरीर देकर बताया था कि उनके मोबाइल नंबर को व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर शेयर ट्रेडिंग के नाम पर अधिक मुनाफे का लालच दिया गया और अलग-अलग बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के माध्यम से कुल 82 लाख 70 हजार रुपये की धोखाधड़ी कर ली गई।
इस संबंध में साइबर क्राइम थाना मीरजापुर पर मु0अ0सं0-07/2024 धारा 419/420 भादवि व 66 डी आईटी एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना शुरू की गई। विवेचना के दौरान पूर्व में एक अभियुक्त रमाकांत गुप्ता निवासी देवधरपुर, जनपद गया (बिहार) को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। साथ ही इससे पहले 9 लाख 4 हजार 900 रुपये पीड़ित के खाते में वापस कराए जा चुके थे।
अग्रिम विवेचनात्मक कार्रवाई के क्रम में पुलिस ने अब 2 लाख 95 हजार रुपये और पीड़ित के खाते में वापस कराए हैं। खाते में धनराशि वापस मिलने पर पीड़ित ने साइबर क्राइम पुलिस थाना मीरजापुर की प्रशंसा करते हुए मीरजापुर पुलिस का आभार जताया है।
पुलिस टीम में निरीक्षक रामनरायन सरोज (प्रभारी निरीक्षक, साइबर क्राइम थाना मीरजापुर) तथा मुख्य आरक्षी सौरभ कुमार राय शामिल रहे।















